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दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

अरब सागर में उमड़-घुमड़ रहा साइक्लोन OCKHI अब दिशा बदल रहा है। मौसम विभाग के साइक्लोन सेंटर के ताजा अनुमानों के मुताबिक यह चक्रवात अब दक्षिण गुजरात के सूरत की तरफ रुख कर चुका है।

 

ऐसा अनुमान है कि 5 दिसंबर को मध्य रात्रि के दौरान साइक्लोन OCKHI सूरत के पास समुद्र तट को डीप डिप्रेशन के तौर पर पार करेगा। इस आशंका के मद्देनजर मौसम विभाग ने दक्षिण गुजरात और उत्तरी महाराष्ट्र के समुद्र तटीय इलाकों को आगाह कर दिया है। इन इलाकों में मछुआरों को समंदर में ना जाने की सलाह दी गई है।

साइक्लोन सेंटर के ताजा बुलेटिन के मुताबिक इस समय चक्रवात OCKHI सूरत से दक्षिण पश्चिम दिशा में तकरीबन 1000 किलोमीटर की दूरी पर है। इस समय इस तूफान के अंदर 135 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं।  इसे अति भीषण समुद्री चक्रवात की कैटेगरी में रखा गया है।

 

समंदर से दूर रहने की चेतावनी जारी

 

मौसम विभाग के ताजा अनुमानों के मुताबिक यह चक्रवात 4 दिसंबर को 11:30 बजे के बाद थोड़ा कमजोर पड़ेगा। इसमें हवाओं की रफ़्तार घटकर 120 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रह जाएगी। जैसे-जैसे यह चक्रवात सूरत की तरफ बढ़ेगा, वैसे-वैसे उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के समुद्र तटीय इलाकों मे मौसम में तेज बदलाव आने लगेंगे। मौसम विभाग ने उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में तेज हवाओं के साथ समंदर में ऊंची- ऊंची लहरें उठने की आशंका जाहिर की है। इसी के चलते 4 दिसंबर से इन सभी इलाकों में समंदर से दूर रहने की चेतावनी जारी कर दी गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक जब यह साइक्लोन सूरत के पास पहुंचेगा तो इसकी ताकत में कमी आ चुकी होगी और यह डीप डिप्रेशन रह जाएगा। इस समय इसमें चलने वाले हवाओं की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रहेगी,  लेकिन इन हवाओं में कच्चे घरों को नुकसान पहुंच सकता है। इसी के साथ मौसम विभाग ने सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तमाम इलाकों में 5 दिसंबर को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

 

भारी बारिश की आशंका

 

इसके अलावा उत्तर गुजरात में 6 दिसंबर को भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।  साइक्लोन सेंटर के मुताबिक उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के समुद्र तटीय इलाकों में 4 दिसंबर की रात से लेकर 6 दिसंबर की सुबह तक 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार की तेज हवाएं चलेंगी। इस वजह से इन इलाकों में समंदर में ऊंची-ऊंची लहरें उठेंगी। लिहाजा लोगों को समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दी गई है।

रक्षामंत्री सीतारमण पहुंचीं तमिलनाडु

 

इस बीच रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण हालात का जायजा लेने के लिए तमिलनाडु पहुंच गई हैं। उन्होंने बताया कि ओखी के कारण समुद्र में फंसे कुल 357 मछुआरों को बचाया गया है, जिसमें तमिलनाडु के 71 मछुआरे शामिल हैं। रक्षा मंत्री के आधिकारिक ट्विटर हैंडल में एक फोटो पोस्ट की गई है जिसमें वह तमिलनाडु के कन्याकुमारी में राहत एवं बचाव कार्य का जायजा ले रही हैं।

 

357 मछुआरों को बचाया जा चुका

 

रक्षा मंत्री ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल में लिखा, “चक्रवात ओखी से प्रभावित मछुआरों को बचाने के लिए भारतीय नौसेना, तट रक्षक बलों और वायु सेना की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों पर अपडेट: आज सुबह 10 बजे तक 357 मछुआरों को बचाया गया।” रक्षा मंत्री ने ट्वीट किया कि नौसेना ने केरल से 121 मछुआरों को और वायु सेना ने 15 मछुआरों को बचाया है। वहीं तटरक्षकों ने तमिलनाडु से 71 और केरल से 114 मछुआरों को बचाया, मर्चेंट पोतों और नौकाओं ने 36 मछुआरों की जाने बचाईं।

नौसेना ने बचाव कार्य में झोंकी ताकत

 

रक्षा मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के मछुआरों की तलाश और उनको बचाने के लिए 30 नवंबर से रक्षक बल ने दो नौकाएं तैनात की हैं। इतनी ही संख्या में फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट और एक हेलिकॉप्टर तैनात किया गया है। इसी प्रकार से तट रक्षक ने केरल में सात और लक्षद्वीप में एक नौका तैनात की है। नौसेना ने छह नौकांए, दो फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट और केरल में दो हेलिकॉप्टर लगाए हैं। वहीं वायु सेना ने तमिलनाडु और केरल में एक विमान और दो हेलिकॉप्टर लगाएं हैं।

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