Home Top News Know About The Supreme Judge Who Held Press Conference

बीजिंग: सुषमा स्वराज ने किर्गिजस्तान के विदेश मंत्री से मुलाकात की

अमरेली: SP जगदीश पटेल को CID क्राइम ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया

VHP अध्यक्ष कोकजे बोले- राम मंदिर पर हमारे पक्ष में आएगा फैसला

वेंकैया नायडू ने CJI के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के नोटिस को खारिज किया

आज महाभियोग प्रस्ताव खारिज होने को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी कांग्रेस

जानिए कौन हैं, मीडिया के सामने आने वाले सुप्रीम कोर्ट के बड़े जज

Home | Last Updated : Jan 12, 2018 03:43 PM IST
   
Know about the Supreme Judge who Held Press Conference

दि राइजिंग न्‍यूज

नई दिल्‍ली।

 

भारतीय इतिहास में आज ऐसा पहली बार हुआ जब देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों ने एक साथ मीडिया के सामने आए। इन जजों ने न्यायपालिका में जारी भ्रष्टाचार पर अपनी बात रखी।

 

 

प्रेसवार्ता करने वाले सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जज में जस्टिस जस्ती चेलमेश्वर, जस्टिस रंगन गोगोई, जस्टिस मदन लोकूर और जस्टिस कुरियन जोसेफ हैं। यह कांफ्रेंस जस्टिस जस्ती चेलमेश्वर के आवास पर आयोजित हुई।

 

आइए, इन चार वरिष्ठ जजों के बारे में जानते हैं-

 

जस्टिस जस्ती चेलमेश्वर

आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में जन्मे जस्टिस जस्ती चेलमेश्वर केरल और गुवाहाटी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे हैं। उन्हें वकालत विरासत में मिली। भौतिकी विज्ञान में स्नातक करने के बाद उन्होंने 1976 में आंध्र यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री हासिल की। अक्टूबर, 2011 में वह सुप्रीम कोर्ट के जज बने थे। जस्टिस जस्ती चेलमेश्वर और रोहिंगटन फली नरीमन की दो सदस्यीय बेंच ने उस विवादित कानून को खारिज किया जिसमें पुलिस के पास किसी के खिलाफ आपत्तिजनक मेल करने या इलेक्ट्रॉनिक मैसेज करने के आरोप में गिरफ्तार करने का अधिकार था। उन्होंने इस नियम पर लंबी बहस की बात कही थी। उनके इस फैसले की देशभर में जमकर तारीफ हुई और बोलने की आजादी को कायम रखा। साथ ही, चेलमेश्वर ने जजों की नियुक्ति को लेकर नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइन्ट्मन्ट्स कमीशन (एनजेएसी) का समर्थन किया। साथ ही वह पहले से चली आ रही कोलेजियम व्यवस्था की आलोचना भी कर चुके हैं।

 

 

 

जस्टिस रंजन गोगोई

जस्टिस रंजन गोगोई असम से आते हैं और वह सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम जजों में शामिल हैं। वरिष्ठता के आधार पर अक्टूबर, 2018 में वह देश की सबसे बड़ी अदालत में जस्टिस दीपक मिश्रा के रिटायर होने के बाद मुख्य न्यायाधीश बनने की कतार में हैं। ऐसा हुआ तो वह भारत के पूर्वोत्तर राज्य से इस शीर्ष पद पर काबिज होने वाले पहले जस्टिस होंगे। उन्होंने गुवाहाटी हाई कोर्ट से करियर की शुरुआत की। वह फरवरी, 2011 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने। अप्रैल, 2012 में वह सुप्रीम कोर्ट के जज बने। उनके पिता केशब चंद्र गोगोई असम के मुख्यमंत्री रहे हैं।

 

 

 

जस्टिस मदन भीमराव लोकूर

जस्टिस मदन भीमराव लोकूर की स्कूली शिक्षा नई दिल्ली में हुई। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास (ऑनर्स) में स्नातक की डिग्री हासिल की। बाद में उन्होंने दिल्ली से ही कानून की डिग्री हासिल की। 1977 में उन्होंने अपने वकालत करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट में वकालत की। 2010 में वह फरवरी से मई तक दिल्ली हाई कोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे। इसके बाद अगले महीने जून में वह गुवाहाटी हाई कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश पद पर चुन लिए गए। इसके बाद वह आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के भी मुख्य न्यायधीश रहे।

 

 

 

जस्टिस कुरियन जोसेफ

जस्टिस कुरियन जोसेफ ने 1979 में अपनी वकालत करियर की शुरुआत की। साल 2000 में वह केरल हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चुने गए। इसके बाद फरवरी, 2010 में उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। आठ मार्च, 2013 को वह सुप्रीम कोर्ट में जज बने।

 


"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555




Flicker News

Loading...

Most read news


Most read news


Most read news


Loading...

Loading...