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दि राइजिंग न्‍यूज

नई दिल्‍ली।

 

केंद्र सरकार ने देश की अहम परीक्षाओं (इंजीनियरिंग और मेडिकल कोर्स) में दाखिले की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब इंजीनियरिंग और मेडिकल कोर्स के लिए होने वाले एंट्रेंस एग्जाम साल में दो बार होंगे। अभी तक यह एग्जाम साल में एक बार ही होते हैं।

सरकार की ओर से जारी किए गए निर्देशों के अनुसार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से करवाई जाने वाली कई परीक्षाएं अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) करवाएगी। इन परीक्षाओं में मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए आवश्यक नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) और इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए करवाई जाने वाली जेईई और सीएमएटी भी शामिल है।

JEE मेंस पहला पेपर

जेईई मेंस के लिए एक सितंबर से 30 सितंबर 2018 तक एप्लिकेशन फॉर्म जमा होंगे। एग्जाम छह जनवरी से 20 जनवरी के बीच होगा।  यह आठ अलग-अलग सिटिंग में होगा। कैंडिडेट पसंद का शेड्यूल चुन सकेंगे।

 

JEE मेंस दूसरा पेपर

इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिले के लिए होने वाले जेईई मेंस का दूसरा एग्जाम अप्रैल में भी होगा। इसके फरवरी में फॉर्म जमा होंगे। एग्जाम सात अप्रैल से 21 अप्रैल के बीच होगा।

NEET पहला पेपर

मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए आयोजित की जाने वाली NEET का पहला पेपर तीन फरवरी से 17 फरवरी के बीच होगा।

 

NEET दूसरा पेपर

दूसरी बार 12 मई से 26 मई के बीच यह टेस्ट आयोजित होगा।

NET

दिसंबर में होने वाले नेट के लिए एप्लिकेशन फॉर्म एक सितंबर से 30 सितंबर के बीच जमा होंगे। एग्जाम दो दिसंबर से 16 दिसंबर के बीच होगा।

कैसे होगा दाखिला?

बता दें कि दो परीक्षाओं का आयोजन करवाया जाएगा और दोनों परीक्षा में भाग लेना अनिवार्य नहीं है। उम्मीदवार खुद यह फैसला कर सकता है कि उसे कौन से एग्जाम में हिस्सा लेना है। यह उम्मीदवारों के लिए सिर्फ एक विकल्प है। उम्मीदवार अपने नंबर में सुधार के लिए दूसरी परीक्षा में भाग ले सकता है।

वहीं, जो उम्मीदवार दोनों परीक्षाओं में भाग लेते हैं, वे जिस टेस्ट में ज्यादा नंबर आएंगे उसे नंबर चुन सकते हैं। साथ ही अपनी इच्छा से अंक का चयन कर दाखिला ले सकते हैं।

फीस में बदलाव नहीं

इसमें न तो सिलेबस चेंज होगा, न ही एग्जाम की फीस। वह उतनी ही रहेगी, जितनी अभी है। पेपर का डिफिकल्टी लेवल एक जैसा ही रहेगा। पेपर कंप्यूटर के आधार पर करवाए जाएंगे।

इस फैसले को लेकर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि इस कदम से स्टूडेंट्स की टेंशन कम होगी।  उन्हें अपनी बेस्ट परफॉर्मेंस दिखाने का पूरा मौका मिलेगा। वहीं, ग्रामीण इलाके के स्ट्डेंट्स के लिए एनटीए टेस्ट प्रैक्टिस सेंटर खोलेगी ताकि उन्हें कंप्यूटर के जरिए एग्जाम देने का अभ्यास कराया जा सके।

ऐसे स्कूल और इंजीनियरिंग सेंटर जहां कंप्यूटर हैं, उनकी पहचान करके उन्हें अगस्त के तीसरे हफ्ते से शनिवार और रविवार को खोला जाएगा। वहां स्टूडेंट्स मुफ्त में प्रैक्टिस कर सकेंगे।

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