Actor Varun Dhawan Speaks on relation With Natasha Dalal in Koffee With Karan

दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

2019 लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र देश की सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी ने अपनी कमर कस ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार अब सीधे आम लोगों से जुड़ रही है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पंजाब के मलोट में एक बड़ी किसान रैली को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत पंजाबी भाषा में की।

 

रैली में पीएम मोदी ने कहा कि सिख समुदाय आज सीमा की रक्षा हो या फिर खाद्य सुरक्षा हो हर जगह प्रेरणा दी है। पंजाब ने हमेशा खुद से पहले देश के लिए सोचा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 4 साल में कई बार पंजाब आया हूं और लोगों से मिला हूं। मोदी ने कहा कि बीते चार साल में किसानों ने देश के अन्न भंडार से भर दिया है, गेंहू-धान-चीनी-कपास-दाल में हर जगह किसानों ने उत्पादन के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। किसान लगातार मेहनत करता आ रहा है, लेकिन किसानों पर दशकों तक ध्यान नहीं दिया गया।

पीएम ने कहा कि बीते 70 साल में जिस पार्टी पर किसानों ने भरोसा किया था, उस पार्टी ने किसानों की इज्जत नहीं की। इस दौरान सिर्फ एक परिवार की चिंता की गई। उन्होंने कहा कि हर तरह की सुविधाएं सिर्फ एक परिवार को दी गई और उनके लिए ही काम किया गया। किसानों की मेहनत को दरकिनार किया गया था। PM ने कहा कि कांग्रेस ने सिर्फ किसानों को धोखा देने का काम किया है, लेकिन जब से हमारी सरकार आई है तभी से हमने किसान और जवान का ध्यान रखा और उन्हें किए हुए वादों को पूरा किया। उन्होंने कहा कि 40 साल तक कांग्रेस को वन रैंक वन पेंशन लागू करने की हिम्मत नहीं थी, लेकिन हमने किया। हमारी सरकार ने फसलों का दाम लागत से डेढ़ गुना एमएसपी करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।

 

पंजाब जरूरी है

दरअसल, 2019 के चुनाव और किसानों को साधने के हिसाब से पंजाब बीजेपी के लिए सबसे जरूरी है। पंजाब में करीब 90 फीसदी किसान खरीफ की फसल का ही उत्पादन करते हैं, यानी सरकार द्वारा लिए गए फैसले का सबसे ज्यादा लाभ पंजाब के किसानों को होने वाला है। यही कारण है कि मोदी यहां से पूरे देश के किसानों को साध रहे हैं।

किसान मुद्दे पर घिर रही सरकार

केंद्र सरकार के द्वारा हाल ही में खरीफ की फसलों पर एमएसपी को डेढ़ गुना किया गया है, जिसके बाद ये किसानों के साथ पीएम का पहला संवाद है। किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने लगातार मोदी सरकार पर निशाना साध रही है, बीते दिनों में किसानों का गुस्सा भी सामने आया है। ऐसे में चुनाव से पहले मोदी सरकार किसानों को अपने हक में करना चाहती है, इसके लिए अब प्रधानमंत्री मोदी ने ही मोर्चा संभाला है।

 

एक लाख किसानों से सीधा संवाद

इस दौरान पीएम के साथ अकाली दल के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल भी मंच पर हैं। अकाली दल ने कुछ दिन पहले बीजेपी को लेकर कुछ तल्खी के संकेत दिए थे। माना जा रहा है कि पीएम के साथ मंच साझा करने से अकाली नेताओं की ये तल्खी कम होगी। इस रैली के जरिए पीएम मोदी पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के एक लाख किसानों को सीधा संदेश देंगे।

क्या किया था ऐलान?

दरअसल, किसानों को फसल की लागत का कम से कम डेढ़ गुना दाम दिलाने के वायदे को पूरा करने की दिशा में कदम उठाते हुए सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 200 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा दिया। सरकार ने यह निर्णय ऐसे समय लिया है जबकि कृषि उपजों के दाम गिरने से किसान परेशान हैं और आम चुनाव एक साल के अंदर होने वाले हैं।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों से संबंधित समिति ने 14 खरीफ फसलों के एमएसपी के प्रस्तावों को स्वीकृत किया। धान (सामान्य किस्म) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 200 रुपये बढ़ाकर 1,750 रुपये प्रति क्विंटल तथा धान (ग्रेड ए) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 160 रुपये बढ़ाकर 1,750 रुपये प्रति क्विंटल कर किया गया है।

इसी तरह कपास (मध्यम आकार का रेशा) का एमएसपी 4,020 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,150 रुपये प्रति क्विंटल और कपास (लंबा रेशा) का एमएसपी 4,320 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,450 रुपये प्रति क्विंटल पर कर दिया गया। अरहर का एमएसपी 5,450 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,675 रुपये प्रति क्विंटल, मूंग का एमएसपी 5,575 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 6,975 रुपये प्रति क्विंटल और उड़द का एमएसपी 5,400 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,600 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।

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