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दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

पूरे देश में भारी बारिश ने कहर मचाया हुआ है। कई राज्यों की हालत बेहद खराब है। सूत्रों के मुताबिक, भारी बारिश से देशभर में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन मौसम विभाग की मानें तो देश में मानसून अब तक सामान्य रहा है। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर समेत कई मौसम एजेंसियों ने इस साल सामान्य मानसून रहने का अनुमान जताया था लेकिन अब स्काईमेट ने बारिश के अनुमान को और भी घटा दिया है। स्काईमेट का कहना है कि जून से सितंबर के बीच भारत में सामान्य सालाना मानसूनी बारिश का दीर्घावधि औसत (एलपीए) 92 फीसदी रहने के आसार हैं, जो पहले 100 फीसदी था।

 

बता दें कि एलपीए की 96-104 फीसदी बारिश को सामान्य बारिश माना जाता है, जबकि 90 फीसदी से नीचे को कम मानसून और 90-96 फीसदी बारिश को सामान्य से कम बारिश माना जाता है। हालांकि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने समय पर शुरुआत की और जून महीने में सामान्य से 9 फीसदी कम बारिश हुई। इसके बाद जुलाई की शुरुआत में भी उत्तर और मध्य भारत में मानसून कमजोर रहा, लेकिन जुलाई के आखिरी हफ्ते में भारी बारिश हुई, जिसने कई इलाकों की हालत खराब कर दी। हालांकि अभी भी 26 राज्यों में सामान्य बारिश दर्ज की गई है, जबकि सात राज्यों में अभी भी सामान्य से कम बारिश हुई है। 

यूपी में मानसून ने मचाई भारी तबाही

उत्तर प्रदेश में मानसून ने भारी तबाही मचाई हुई है। सूबे के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। एक हफ्ते पहले यहां सामान्य से 43 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन अब यह अंतर घटकर 8 फीसदी हो गया है। पूर्वोत्तर में अभी भी सामान्य से कम बारिश हो रही है। सूबे के लगभग 24 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। भारी बारिश की वजह से पिछले एक हफ्ते में राज्य में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, जबकि 500 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

 

बिहार-झारखंड में सामान्य से कम बारिश

बिहार में अब तक 22 फीसदी कम बारिश हुई है, जबकि झारखंड में भी सामान्य से 24 फीसदी बारिश दर्ज की गई है। 26 जुलाई तक के आंकड़ों की मानें तो बिहार में सामान्य से 48 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई थी। यहां 38 में से 26 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। इनमें वैशाली और सहरसा प्रमुख हैं। वैशाली में सामान्य से 65 फीसदी और सहरसा में सामान्य से 62 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं, झारखंड में भी 24 में से 15 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। कुंती जिले में सबसे कम बारिश हुई है। यहां सामान्य से 64 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।

अगस्त में 88 फीसदी कम बारिश का अनुमान

मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर के मुताबिक, अगस्त महीने में 88 फीसदी बारिश हो सकती है। इनमें कम बारिश की संभावना 70 फीसदी है, 20 फीसदी उम्मीद सामान्य से कम बारिश की है, जबकि सामान्य बारिश की उम्मीद महज 10 फीसदी ही है। वहीं, सितंबर में 93 फीसदी बारिश होने की उम्मीद जताई गई है। इनमें 60 फीसदी उम्मीद सामान्य से कम बारिश की है, जबकि 20 फीसदी सामान्य बारिश का अनुमान है।

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