Kajol Says SRK is Giving Me The Tips of Acting

दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी की आज ताजपोशी हो रही है। 130 साल पुरानी पार्टी की कमान अब राहुल के हाथों में होगी। नेहरू-गांधी परिवार की पांचवीं पीढ़ी के राहुल गांधी कांग्रेस की कमान अपने हाथों में लेने जा रहे हैं। जबकि राहुल नेहरू-गांधी परिवार के छठे शख्स हैं, जो कांग्रेस के अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। राहुल गांधी से पहले मोतीलाल नेहरू, जवाहरलाल नेहरु, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी के हाथों में पार्टी की कमान रही है।

राहुल गांधी: कांग्रेस का युवा भविष्य

 

सोनिया गांधी 19 साल कांग्रेस की अध्यक्ष रहने के बाद अब पार्टी की कमान राहुल गांधी के हाथों में सौंप दी है। राहुल गांधी पार्टी के अध्यक्ष बन चुके हैं। मौजूदा दौर में कांग्रेस सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। देश की सत्ता से लेकर राज्य की सत्ता तक कांग्रेस से बाहर है। ऐसे में समय में कांग्रेस की कमान नेहरू-गांधी परिवार की पांचवी पीढ़ी के युवा नेता राहुल गांधी अपने हाथों में लेने जा रहे है। अब कांग्रेस का भविष्य राहुल के हाथों मे होगा। राहुल के सामने पार्टी को खड़ा करना और सत्ता में वापसी की चुनौती है। इतना ही नहीं राहुल को कांग्रेस की वापसी के लिए मोदी जैसे कद्दावर नेता को मात देनी होगी।

 

मोतीलाल नेहरू: 1919 में पहली बार मिली कमान

 

नेहरू-गांधी परिवार में कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर सबसे पहले ताजपोशी मोती लाल नेहरु की हुई थी। मोतीलाल नेहरू को कांग्रेस अध्यक्ष की कमान दो बार मिली। पहली बार 1919 में कांग्रेस के अमृतसर अधिवेशन में मोतीलाल नेहरू को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद 1928 में दूसरी बार कोलकता अधिवेशन मोतीलाल नेहरू को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया।

जवाहरलाल नेहरू: आठ बार रहे अध्यक्ष

 

मोतीलाल नेहरू के बाद जवाहरलाल नेहरु ने कांग्रेस की कमान अपने हाथों में ली। जवाहरलाल नेहरू दूसरी पीढ़ी के नेता थे, जिनकी कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर ताजपोशी हुई थी। जवाहरलाल नेहरू विभिन्न अधिवेशनों में 8 बार कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए। जवाहरलाल नेहरू पहली बार 1929 में कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में अध्यक्ष बनाए गए। इसके बाद 1930, 1936, 1937, 1951,1952, 1953 और 1954 में कांग्रेस अध्यक्ष रहे।

 

इंदिरा गांधी: कांग्रेस की अध्यक्ष आयरन लेडी

 

जवाहर लाल के बाद उनकी पुत्री इंदिरा गांधी ने कांग्रेस की कमान अपने हाथों में ली। इस तरह वो नेहरू-गांधी परिवार की तीसरी पीढ़ी के तौर पर कांग्रेस की अध्यक्ष रही। इंदिरा गांधी को चार बार कांग्रेस की कमान सौंपी गई। इंदिरा गांधी पहली बार 1959 में कांग्रेस के दिल्ली के विशेष सेशन में अध्यक्ष बनी। इसके बाद दोबारा पांच साल के लिए 1978 से 83 तक दिल्ली के अधिवेशन में अध्यक्ष चुनी गई। इसके बाद 1983 और 1984 में कोलकता अधिवेशन में अध्यक्ष की कमान अपने हाथों में ली।

राजीव गांधी: कांग्रेस का युवा अध्यक्ष

 

नेहरू-गांधी परिवार के राजीव गांधी चौथी पीढ़ी के तौर पर कांग्रेस की कमान मिली। राजीव गांधी सबसे युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बने। इंदिरा गांधी की आकास्मिक मौत के बाद राजीव गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बने और वह 1985 से 1991 तक पार्टी के अध्यक्ष रहे। लेकिन दुर्भाग्य से राजीव गांधी की भी हत्या कर दी गई, जिससे कांग्रेस की कमान गांधी परिवार से निकलकर दूसरे हाथों में चली गई।

 

सोनिया गांधी: पहने इनकार, फिर संभाला कमान

 

राजीव गांधी की हत्या होने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया से पूछे बिना उन्हें कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा कर दी, परंतु सोनिया ने इसे स्वीकार नहीं किया और कभी भी राजनीति में नहीं आने की कसम खाई थी। लेकिन कांग्रेस की हालत दिन-ब-दिन बुरी होती देख सोनिया गांधी ने कांग्रेस ने नेताओं के दबाव में 1997 में कोलकाता के प्लेनरी सेशन में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की। इस तरह राजनीति में कदम रखा और 1998 में कांग्रेस की अध्यक्ष बनी। इस तरह नेहरू-गांधी परिवार  की पांचवी पीढ़ी के रूप में सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष बनी। सोनिया 1998 से लेकर मौजूदा समय तक कांग्रेस की अध्यक्ष है।

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