Home Top News Gorakhpur Medical College Tragedy: Press Conference Of UP CM Yogi Adityanath In Gorakhpur

राहुल गांधी के इंटरव्यू पर बीजेपी ने चुनाव आयोग से की शिकायत

राजस्थान: भारत-ब्रिटेन की सेना ने बीकानेर में किया संयुक्त युद्धाभ्यास

PM मोदी कल मुंबई में नेवी की पनडुब्बी INS कावेरी को देश को समर्पित करेंगे

पंजाब: STF ने लुधियाना से 3 ड्रग तस्करों को किया गिरफ्तार

पटना: मगध महिला कॉलेज में जींस, मोबाइल और पटियाला ड्रेस पर बैन

"दोषी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे, होगी कड़ी कार्रवाई"

Home | 13-Aug-2017 11:21:27 AM | Posted by - Admin

   
Gorakhpur Medical College Tragedy: Press Conference of UP CM Yogi Adityanath in Gorakhpur

दि राइजिंग न्‍यूज

लखनऊ।

 

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई दिल दहला देने वाली घटना से पूरा देश दु:खी है और इसी को लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर पहुंचे हैं। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी हैं। बीआरडी अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। आज दिमागी बुखार से एक और चार साल के बच्चे की मौत हो गई। पिछले तीन दिन में ही मौत का आंकड़ा 68 पहुंच गया।

 

सीएम योगी के दौरे के चलते पूरे अस्पताल को साफ-सुथरा किया गया। ऑक्सीजन की सप्लाई को दुरुस्त करने के लिये लिक्विड ऑक्सीजन के दो टैंकर और ऑक्सीजन के सौ से ज्यादा सिलेंडर मंगा लिए गए हैं।

वहीं बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की सप्लाई रुकने से 36 बच्चों की मौत के बीच बच्चों की जान बचाने वाले मसीहा के तौर पर उभरे एनआईसीयू प्रमुख डॉक्टर कफील खान को उनके पद से हटा दिया गया है और अब डॉक्टर महेश शर्मा नए प्रमुख होंगे।

 

 

दरअसल, डॉक्टर कफील खान को लेकर पहले उनके महीसा होने की रिपोर्टें आईं, लेकिन वक्त बीतने के साथ उनके प्राइवेट प्रैक्टिस पर भी सवाल उठाए जाने लगे। अब सरकार ने डॉक्टर कफील को उनके पद से हटा दिया है।

 

आज जब सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में अस्पताल के दौरे पर थे तब उनसे प्राइवेट प्रैक्टिस पर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

 

 

वहीं सीएम योगी ने गोरखपुर में अस्पताल का दौरा किया और कहा कि बच्चों की मौत से जितनी तकलीफ उन्हें पहुंची है उतनी किसी को भी नहीं हो सकती। योगी ने घटना की जांच के आदेश दिए और भरोसा दिलाया कि दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।

 

 

मासूमों की मौत पर गोरखपुर के डीएम राजीव राउतेला की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई रुकी थी, लेकिन कल योगी सरकार ने ऑक्सीजन की कमी से मौत होने से इनकार किया था।

 

 

मीडिया को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि- पीएम भी इस घटना से चिंतित हैं और उन्होंने हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। पीएम ने स्वास्थ्य मंत्री को गोरखपुर भेजा है। पूरे मामले की जांच आवश्यक है। योगी ने कहा कि- इंसेफेलाइटिस के खिलाफ लड़ाई और तेज होगी। मैं मुख्यमंत्री बनने के बाद अब तक चार बार बीआरडी अस्पताल आ चुका हूं।

 

यह भी पढ़ें: सपने में दुल्हन देखने का असल जीवन में असर ...

 

नौ जुलाई को हमने वेतन न मिलने की समस्या को सुलझाया था। नौ अगस्त को भी मैं यहां आया था, जिसमें पांच प्रमुख सचिवों को यहां बुलाया गया था। मैं चाहता हूं कि हर पत्रकार वार्ड के अंदर जाकर खुद देखे कि हालात क्या है और सच्चाई क्‍या है। मैं 1996-97 से इस लड़ाई को लड़ रहा हूं। उन बच्चों के लिए मुझसे ज्यादा संवेदनशील कोई नहीं हो सकता। मैं इंसेफेलाइटिस के खिलाफ सड़क से संसद तक लड़ा। सीएम योगी इस दौरान भावुक भी हुए।

 

 

योगी ने कहा कि चीफ सेकेट्री की अध्यक्षता में जांच हो रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी। कमेटी मौतों की वजह सामने लाएगी। सिर्फ गोरखपुर ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में मौतों की जवाबदेही तय होगी। बाहर बैठकर फेक रिपोर्टिंग नहीं, बल्कि जनता के सामने सच्चाई सामने आनी चाहिए। हम चाहते हैं कि गोरखपुर मे फुल फ्लैज्ड वायरस रिसर्च सेंटर होना चाहिए। इसके लिए हमने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया है और उनकी तरफ से एक पहल भी हुई है।

 

 यह भी पढ़ें: देखने में सामान्‍य, मगर बहुत बड़ी बात बता देते हैं ये संकेत

 

इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना था कि बच्चे ऑक्सीजन की वजह से नहीं बल्कि गंदगी और बीमारियों से मरे हैं। मुख्यमंत्री ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत की खबरों को इंकार करते हुए कहा कि राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति प्रकरण की जांच करेगी और किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

 

 

मुख्यमंत्री ने ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता को भुगतान में विलंब के लिए कॉलेज के प्रिसिंपल को दोषी ठहराते हुए कहा कि नौ अगस्त को गोरखपुर प्रवास के दौरान उन्होंने इंसेफेलाइटिस, डेंगू, चिकुनगुनिया, स्वाइन फ्लू और कालाजारी जैसे मुददों पर अधिकारियों से बातचीत की थी और उनसे पूछा था कि उनकी आवश्यकता क्या है और क्या उन्हें किसी तरह की कोई समस्या है लेकिन आक्सीजन आपूर्ति से जुड़ा मुद्दा उनके संज्ञान में नहीं लाया गया। उन्होंने कहा, बैठक में मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल भी मौजूद थे। मैंने पूछा कि कोई मुद्दा हो या समस्या हो तो बताएं, लेकिन वहां ऑक्सीजन को लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया। हम लोगों की जानकारी में नहीं लाया गया।

 

यह भी पढ़ें: फोटोज को बनाना था खूबसूरत पर हो गया ये काण्ड...

 

आपको बता दें कि गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी होने की वजह से 32 बच्चों की मौत हो गई। पिछले सात दिनों में मौत का आंकड़ा 60 के पार पहुंच चुका है।

 

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर “मौतकांड” के मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। इस बीच मरने वाले बच्चों के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए योगी ने कहा कि- दोषियों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ऑक्सीजन सप्लायर की भूमिका की भी जांच होगी।

 

 

वहीं यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने मौतों के आंकड़ा देते हुए कहा कि हर साल अगस्त के महीने में बच्चों की मौतें होती रही हैं और मौतें गैस सप्लाई की कमी से नहीं हुई हैं। आगे उन्होंने कहा कि- सीएम योगी आदित्यनाथ के दौरे के वक्त किसी ने ऑक्सीजन सप्लाई का मुद्दा नहीं बताया।

"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555








TraffBoost.NET

Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll





Flicker News

Most read news

 


Most read news


Most read news




sex education news