Actress katrina Kaif and Mouni Roy Visited Durga Puja Pandal

दि राइजिंग न्‍यूज

नई दिल्‍ली।

 

देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वो नहीं चाहते कि लोग उनकी “गरीबी की पृष्ठभूमि” पर तरस खाएं। उन्होंने ये भी कहा कि इसे लेकर वह अपने उत्तराधिकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोई प्रतिस्पर्धा नहीं करना चाहते।

उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहता कि मेरी पृष्ठभूमि के बारे में जानकर देश मुझ पर तरस खाए। मैं नहीं समझता कि इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी जी के साथ मैं किसी प्रतिस्पर्धा में हूं।

 

 

शनिवार को सूरत पहुंचे मनमोहन सिंह ने एक सवाल के जवाब में ऐसा कहा, जब उनसे पूछा गया कि वह अपनी गरीबी की पृष्ठभूमि के बारे में बात क्यों नहीं करते हैं, जिस तरह मोदी हमेशा बचपन में अपने परिवार की मदद के लिए गुजरात के रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने की बात करते हैं।

 

बता दें कि मनमोहन सिंह अविभाजित पंजाब के गाह गांव में 1932 में पैदा हुए थे। एक गरीब परिवार में जन्मे मनमोहन सिंह ने अपने जीवन के शुरुआती 12 साल गाह में ही गुजारे, जहां न बिजली थी, न स्कूल था, न अस्पताल था।

 

 

मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार के रूप में 2004 से 2008 तक काम कर चुके संजय बारू के मुताबिक, मनमोहन सिंह स्कूल जाने के लिए रोज मीलों चलते थे और रात में केरोसिन तेल की ढिबरी (बत्ती) की मंद रोशनी में पढ़ाई किया करते थे। एक बार जब उनसे उनकी कमजोर नजर को लेकर पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि वह मंद रोशनी में घंटों किताबें पढ़ा करते थे।

 

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