Watch Making of Dilbar Song From Satyameva Jayate

दि राइजिंग न्‍यूज

नई दिल्‍ली।

 

हाल ही में विधानसभा चुनाव में विपक्ष ने चुनाव आयोग पर काफी सवाल खड़े किए थे, लेकिन चुनाव में पारदर्शिता लाने और पूरी तरह से चुनावी सिस्टम को बदलने का श्रेय पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन को जाता है। अब पिछले कुछ समय से शेषन गुमनामी की जिंदगी जी रहे हैं। 85 वर्षीय शेषन आजकल ओल्ड ऐज होम में रह रहे हैं।

 

 

एक ऑनलाइन न्‍यूज पोर्टल की रिपोर्ट के मुताबिक वह चेन्नई में अपने ही घर से 50 किलोमीटर दूर ही ओल्ड एज होम में रुके थे। आपको बता दें कि शेषन ने ही चुनावों में चरणों के आधार पर वोटिंग की शुरुआत की थी। उनका ये फैसला मील का पत्थर साबित हुआ था। हालांकि, वह अभी अपने घर में रह रहे हैं, लेकिन बार-बार कुछ समय के लिए ओल्ड एज होम चले जाते हैं।

 

 

शेषन पिछले काफी समय से शांति का जीवन गुजार रहे हैं। वह सत्य साईं बाबा के भक्त रहे हैं। 2011 में उनके देह त्याग के बाद शेषन सदमे में चले गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, शेषन को भूलने की बीमारी हो गई थी।

 

 

तमिलनाडु कैडर के आइएएस अधिकारी टीएन शेषन भारत के 10वें चुनाव आयुक्त बने थे। वह 12 दिसंबर, 1990 से 11 दिसंबर, 1996 तक मुख्य चुनाव आयुक्त रहे। शेषन ने अपने कार्यकाल में स्वच्छ एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन किया गया।

 

 

आपको बता दें कि टीएन शेषन ने चुनाव सुधार की शुरुआत 1995 में बिहार चुनाव से की थी। बिहार में उन दिनों बूथ कैप्चरिंग का मुद्दा काफी बड़ा था। शेषन ने बिहार में कई चरणों में चुनाव कराए थे, यहां तक कि चुनाव तैयारियों को लेकर वहां कई बार चुनाव की तारीखों में बदलाव भी किया था। उन्होंने बिहार में बूथ कैप्चरिंग रोकने के लिए सेंट्रल पुलिस फोर्स का इस्तेमाल किया था, इस फैसले की उस दौरान लालू यादव ने आलोचना की थी।

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement

Loading...

Public Poll