Home Top News Finance Minister Arun Jaitley Clears The Clause Of FRDI Bill

कांग्रेस दफ्तर के बाहर पटाखे फोड़कर जश्न मना रहे हैं कार्यकर्ता

J&K: त्राल में मिला जैश के एक आतंकी का शव, पाकिस्तान का नागरिक था

दिल्ली: विजय दिवस पर रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

मिजोरम के हर घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्यः PM मोदी

दिल्ली: सोनिया गांधी के साथ कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे राहुल गांधी

FRDI के विवादित प्रस्तावों को बदलने पर होगा विचार

Home | 07-Dec-2017 11:55:34 | Posted by - Admin
   
Finance Minister Arun Jaitley Clears the Clause of FRDI Bill

दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

बैंकों के दिवालिया होने की स्थिति में उन्हें सहारा देने के लिए लाए जा रहे फाइनेंशियल रेजोल्यूशन एंड डिपॉजिट इंश्योरेंस (एफआरडीआइ) बिल -2017 को लेकर सरकार ने सफाई दी है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संकेत दिये हैं कि वह इस बिल के कुछ विवादित प्रस्तावों में बदलाव कर सकते हैं।

 

एफआरडीआइ बिल का मसौदा तैयार है। इसे संसद के शीत सत्र में पेश किया जा सकता है। अगर ये बिल पास हो गया तो बैंकिंग व्यवस्था के साथ-साथ आपके लिए भी कई चीजें बदल जाएंगी। हालांकि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भरोसा दिलाया है कि इस बिल में बैंकों और जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए सारे कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने बिल के बेल-इन जैसे प्रस्तावों पर उठे विवाद को लेकर ट्वीट कर कहा कि बिल अभी स्थायी समिति के पास है। सरकार का उद्देश्य आम आदमी और बैंकों के हितों की रक्षा करना है। सरकार अपने इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

बता दें कि इस बिल को लेकर विवाद शुरू हो गया है। कई बैंकिंग एसोसिएशन और अन्य ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है और इसमें बदलाव की मांग की है।  इन लोगों की सबसे बड़ी शिकायत बिल के “बेल-इन” क्लॉज से है। बेल इन बैंको को यह अधिकार दे देगा कि वह जमाकर्ता का पैसा अपनी खराब स्थिनति को सुधारने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

इनका कहना है कि इससे जमाकर्ता का पैसा जो बैंक में जमा है, उसकी सुरक्षा का क्या होगा। यह बिल रेजोल्यूशन कॉरपेारेशन को अधिकार देता है कि वह जमाकर्ता  की पूंजी को लेकर कोई  फैसला ले सके।

 

नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन के को-प्रोजेक्ट डायरेक्टर ममता पठानिया ने कहा कि इस बिल के कई प्रस्तावों को लेकर आम लोगों के मन में कई सवाल हैं। आख‍िर में बैंक में पैसा  रखना सबसे सुरक्षिोत माना जाता है। कांग्रेस जैसी राजनीतिक पार्टी  और ट्रेड यूनियनों ने इसे आम लोगों के खिलाफ उठाया कदम बताया है। इनका आरोप है कि बैंकों के बैड लोन का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा।

एफआरडीआइ बिल को लेकर उठे इस विवाद के बाद ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यह सफाई  दी है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि बिल में अभी भी करेक्शन के आसार हैं। इसमें सुधार किया जा सकता है। उन्होंने बेल-इन प्रस्ताव में आम हितों के हिसाब से बदलाव करने का सुझाव भी दिया है।

"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555








TraffBoost.NET

Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll





Flicker News

Most read news

 


Most read news


Most read news




sex education news