Mahi Gill Regrets Working in Salman Khan Film

 

दि राइजिंग न्‍यूज

नई दिल्‍ली।

 

प्रिंस याकूब तुसी का बाबरी पर दावा ठोंकना बड़ा अजीब सा मसला है। तुसी की मानें तो वह बहादुर शाह जफर के वंशज हैं और उन्‍होंने राम मंदिर और बाबरी मस्जिद के मसलों को सुलझाने की बात भी कही है। 

कौन हैं ये याकूब तुसी? इनको पहचान कैसे मिली? ताजमहल-बाबरी मस्जिद पर हक जताने के पीछे आखिर मंशा क्‍या है? पढ़िए

बहादुरशाह जफर के वंशज ने भागकर बचाई थी जान

 

इससे पहले प्रिंस याकूब मीडिया के सामने आए थे तो उन्होंने कहा था कि 1857 में अंग्रेजों से जान बचाकर भागे दिल्ली के शासक बहादुरशाह जफर के वंशज 105 सालों तक भूमिगत रहे। प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने बताया कि अंग्रेज तो जफर के वंश को ही खत्म करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने जफर के 48 बच्चों की हत्या कर दी लेकिन जफर की 49वीं संतान मिर्जा क्यूएश ने दिल्ली से काठमांडू भागकर जान बचाई थी। 

उज्बेकिस्तान की टीम ने दिलाई पहचान

 

खबरें बताती हैं कि तुसी और उनके वंशज वर्ष 1962 से ही प्रयासरत थे, लेकिन उज्बेकिस्तान की टीम ने 1987 में उन्हें और उनके वंश को पहचान दिलाई। अकबर की मां उज्बेकिस्तान की थी। हैदराबाद की कोर्ट ने प्रिंस का स्टेटस दिया। प्रिंस ने बताया कि जफर के वंश के 40 लोग अभी जीवित हैं जिनमें पांचवीं पीढ़ी की महिला भी है। 

ताजमहल पर भी जताया हक

 

सिर्फ यहीं नही तुसी ने इससे पहले ताजमहल को भी अपनी संपत्ति बताया था बल्कि बाबर के वंशज होने का दावा करते हुए डीएनए रिपोर्ट की कॉपी भी सौंपी अदालत को सौंपी थी जिसमें उन्हें मुगलों का असली वारिस करार दिया गया था। हालांकि डीएनए रिपोर्ट का मिलान किसके साथ हुआ है और वह सही है या नहीं इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है।

श्री श्री रविशंकर से की है बातचीत

 

प्रिंस याकूब का कहना है कि अगर सुन्नी वक्फ बोर्ड उन्हें मुतवल्ली नहीं बनाता है तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। साथ ही याकूब ने बातचीत के जरिये विवाद का हल निकालने की श्री श्री रविशंकर की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि मैंने उनसे मुलाकात की है और उनका प्रयास सराहनीय है। उन्होंने कहा कि वह मसले का सौहार्दपूर्ण हल चाहते हैं।

 

लेकिन वर्ष 1992 में बाबरी विध्वंस के बाद से अब तक हुए घटनाक्रम के दौरान विवादित स्थल पर अपना दावा पेश नहीं करने के सवाल पर याकूब ने कोई साफ जवाब नहीं दिया।

तुसी ने फेसबुक पर कई ऐसी तस्वीरें शेयर की हैं जो उनके शाही अंदाज की दिखाती हैं। प्रिंस शाही कपड़ों के अलावा अपने साथ सुरक्षा घेरा भी शाही रखते हैं। कई ऐसी तस्वीरें मिली है जिसमें वो भारी सिक्योरिटी के साथ दिखाई दे रहे हैं। 

 

सुन्नी वक्फ बोर्ड से मालिकाना हक मांगा

 

बता दें कि मुगल वंशज प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तुसी ने बाबरी मस्जिद पर अपना दावा पेश किया है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि बाबरी मस्जिद का मुतवल्ली उन्हें बनाया जाए। इस बात की जानकारी उन्होंने सुन्नी वक्फ बोर्ड में दी है। हालांकि बोर्ड ने उसे लेने से इनकार कर दिया है। इसके बाद उन्होंने यूपी के वक्फ मंत्री लक्ष्मी नारायण से मुलाकात कर उनको ज्ञापन सौंपा। बाबरी मस्जिद सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधीन है लेकिन याकूब हबीबुद्दीन का दावा है कि यह सम्पत्ति मुगल पीरियड की है इस पर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड का कोई अधिकार नही है। 

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