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दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

सीबीएसई पेपर लीक मामले में राजधानी के मदर खजानी स्कूल के प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें, ये स्कूल बवाना में है। प्रिंसिपल पर आरोप लगा था कि उन्हें 12वीं के इकोनॉमिक्स पेपर लीक मामले की जानकारी थी। बता दें, इससे पहले उसी स्कूल के दो टीचरों सहित तीन आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

 

पुलिस के मुताबिक...

पुलिस के मुताबिक, बंद पेपर की सील सुबह 9:45 पर खोलनी थी, जबकि सील आधे घंटा पहले 9:15 पर ही खोल दी गई थी जिसके मोबाइल से पेपर्स की तस्वीरें लीं और व्हाट्सऐप के जरिए पेपर को लीक कर दिया गया था।

जानें- क्या था पूरा मामला

सीबीएसई की ओर से 12वीं बोर्ड के इकोनॉमिक्स और 10वीं बोर्ड के गणित का पेपर, लीक होने की वजह से रद्द कर दिया गया था। परीक्षा से पहले परीक्षा का पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। हालांकि उस दिन सीबीएसई ने पेपर लीक की खबर को गलत बताया था और जांच करवाने का आदेश दिया था। जिसके बाद परीक्षा दोबारा करवाने का फैसला किया, जिसमें इकोनॉमिक्स के पेपर के रि-एग्जाम की तारीख की घोषणा कर दी गई है। इकोनॉमिक्स का पेपर 25 अप्रैल को आयोजित किया गया था।

 

नहीं हुआ गणित का दोबारा पेपर

हालांकि 10वीं कक्षा का गणित का पेपर भी लीक हो गया था। जिसके बाद चर्चा चल रही थी कि ये पेपर दोबारा आयोजित किया लेकिन बाद सीबीएसई ने बोर्ड ने 10वीं कक्षा की गणित की परीक्षा वापस नहीं करवाने का फैसला किया है।

उड़ी थी अफवाह

इस बार बोर्ड की अधिकतर परीक्षाओं को लेकर दावा किया गया था कि पेपर पहले ही वॉट्सएप और सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा था। सबसे पहले अकाउंट्स के पेपर को लेकर खबर आई थीं कि यह पेपर लीक हो गया है, लेकिन दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इसमें जांच के आदेश दिए। जिसके बाद सीबीएसई ने इससे इंकार भी किया। उसके बाद कई पेपर्स को लेकर बोर्ड ने नोटिफिकेशन जारी कर बताया है कि पेपर लीक नहीं हुआ है। इकोनॉमिक्स के पेपर के लिए भी सीबीएसई ने पेपर लीक होने से मना कर दिया था।

 

मास्टर प्लान की सिफारिश

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पेपर लीक जैसे मामलों से बचने के लिए कड़े कदम उठा सकता है, जिसमें सत्र और पेपर पैटर्न में बदलाव किए जा सकते हैं। दरअसल, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से गठित एक एक्सपर्ट पैनल ने सिफारिश की है कि प्रश्न पत्र में क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। साथ ही पैनल ने बोर्ड परीक्षा सत्र को छोटा करने का भी सुझाव दिया है।

रिजल्ट में नहीं हुई देरी

पेपर लीक हो जाने के बाद माना जा रहा था कि बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षाओं के रिजल्ट में देरी करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रिजल्ट तय समय पर ही जारी कर दिया गया। बता दें, 10वीं का रिजल्ट 26 मई को जारी कर दिया गया था जिसमें 83.01 फीसदी छात्र पास हुए थे और 10वीं का रिजल्ट 29 मई को जारी कर दिया गया था जिसमें 86.7 फीसदी छात्र पास हुए थे।

 

अब ऐसे होगी परीक्षा

पेपर लीक होने की वजह से सीबीएसई को काफी बेईज्जती झेलनी पड़ी थी। लेकिन इस बार तय किया गया कि छात्रों तक पेपर पहुंचाने की प्रक्रिया फुल प्रूफ होनी चाहिए। लिहाजा बोर्ड ने इसकी तैयारी शुरू कर दी। सीबीएसई से जुड़े एक सूत्र ने बताया, “इस बार परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न-पत्र और पासवर्ड्स परीक्षा से आधे घंटे पहले पहुंचा दिए जाएंगे।” आपको बता दें, CBSE 10वीं-12वीं परीक्षा में 28 लाख से अधिक छात्रों ने भाग लिया था। 10वीं कक्षा के कुल 16,38,428 छात्र और 12वीं की परीक्षा में 11,86,306 छात्र ने इस साल परीक्षा दी थी।

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