Baaghi 2 Assistant Director Name Came in Physical Assault

दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

भारत में अस्पतालों को मंदिर के तौर पर पूजा जाता है। डॉक्टर्स को भगवान का दर्जा दिया जाता हैं लेकिन वही रक्षक जब भक्षक बन जाते हैं तो मनुष्य का विनाश तय हो जाता है। ऐसा ही कुछ दिल्ली के मैक्स अस्पताल में हुआ।   

 

दिल्ली के शालीमार बाग में MAX हॉस्पिटल से बहुत बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल ने जीवित बच्चो को मृत घोषित कर दिया और कागज तथा कपड़े में बांधकर परिजनों को दे दिया। परिजनों की शिकायत पर हालांकि पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की है और मामला मेडिकल की लीगल सेल को फॉरवर्ड कर दिया है।

परिजनों ने इसके बाद अस्पताल में जमकर हंगामा किया। मैक्स हॉस्पिटल ने बयान जारी कर कहा है कि वह बच्चे के परिजनों से अस्पताल लगातार संपर्क में है। मैक्स हॉस्पिटल ने कहा है, "दोनों बच्चों का जन्म 30 नवंबर, 2017 को हुआ। डिलीवरी के वक्त बच्चों की उम्र 22 सप्ताह थी। हम इस दुर्लभ घटना से सदमे में हैं। हमने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, बच्चे को मृत घोषित करने वाले डॉक्टर को तत्काल छुट्टी पर जाने के लिए कह दिया गया है।"

पढ़िए शर्मनाक मामला

 

दरअसल शालीमार बाग में स्थित मैक्स हॉस्पिटल में गुरुवार को एक महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। इनमें एक लड़का था और दूसरी लड़की। परिवार वालों ने बताया कि डिलीवरी के साथ ही बच्ची की मौत हो गई। डॉक्टर्स ने दूसरे जीवित बचे बच्चे का इलाज शुरू किया, लेकिन एक घंटे बाद अस्पताल ने बताया कि दूसरा बच्चा भी मर गया।

 

अस्पताल ने इसके बाद दोनों बच्चों की डेड बॉडी को कागज और कपड़े में लपेटकर , टेप लगाकर परिजनों को सौंप दिया। दोनों बच्चों की डेड बॉडी लेकर लौट रहे परिजन लौट रहे थे। दोनों पार्सलों को महिला के पिता ने ले रखा था। रास्ते में उन्हें एक पार्सल में हलचल महसूस हुई। उन्होंने तुरंत उस पार्सल को फाड़ा तो अंदर बच्चा जीवित मिला। वे तुरंत उसे लेकर एक नजदीकी अस्पताल गए, जहां दूसरा बच्चा जीवित है और उसका इलाज चल रहा है।

बच्चे के नाना ने बताया, "रास्ते में हलचल महसूस हुई तो हमने पार्सल फाड़ा तो देखा कागज और कपड़े के अंदर लपेटकर रखे बच्चे की सांसें चल रही थीं। हम तुरंत उस बच्चे को पास में ही मौजूद अग्रवाल अस्पताल ले गए।"

 

परिजनों का कहना है कि पुलिस ने FIR दर्ज नही की पुलिस का कहना है दिल्ली मेडिकल काउंसिल की लीगल सेल को मामला फारवर्ड कर दिया है जो मामले की जांच करेगी उसके बाद ही आगे का मामला दर्ज होगा। इस मामले में DCP नार्थ-वेस्ट जिला का कहना है की अभी वे शहर से बाहर है और एरिया में आकर मीडिया से बात करेंगे।

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