Amitabh Bachchan on Z Plus Securities to Politicians

दि राइजिंग न्‍यूज

कोलकाता।

 

शनिवार को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले की कृष्णागंज विधानसभा से टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) विधायक सत्यजीत बिस्वास की गोली मारकर हत्या कर दी। बिस्वास अपनी पत्नी और 7 महीने के बेटे के साथ अपने क्षेत्र में सरस्वती पूजा के कार्यक्रम में गए थे, जहां हमलावरों ने उनपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। टीएमसी के युवा विधायक की हत्या पर राजनीति भी शुरू हो गई है, क्योंकि हाल के समय में यह पहली ऐसी घटना जब किसी मौजूदा विधायक की हत्या हुई है। इस घटना के बाद दर्ज एफआइआर में बीजेपी नेता मुकुल रॉय का भी नाम है।

राज्य के जेल मंत्री उज्जवल बिस्वास ने टीएमसी विधायक की हत्या के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को जिम्मेदार ठहराया है। नादिया की कृष्णागंज से विधायक सत्यजीत बिस्वास प्रभावशाली मटुआ समुदाय से ताल्लुक रखते थे। मटुआ समुदाय 1950 के दशक में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से भारत आए थे। राज्य में इस समुदाय की आबादी लगभग 30 लाख है। उत्तर और दक्षिण 24 परगना की 5 लोकसभा सीटों पर समुदाय का खासा असर है। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी इस समुदाय के लोगों को अपनी तरफ खींचना चाहती है। पीएम मोदी हाल ही में 24 परगना के ठाकुरनगर में मटुआ समुदाय के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

लिहाजा अब तक बीजेपी की तरफ से राजनीतिक हिंसा का आरोप झेल रही राज्य में सत्ताधारी टीएमसी ने आरोप लगाने में देरी नहीं की और कह दिया कि यह हत्या बीजेपी द्वारा प्रायोजित है। दूसरी तरफ बीजेपी का आरोप है कि यह टीएमसी में आपसी कलह का नतीजा है और हत्या की सीबीआइ जांच की मांग की है। फिलहाल, टीएमसी विधायक की हत्या ऐसे समय हुई है जब लोकसभा चुनाव को लेकर राज्य में पहले से ही बीजेपी और टीएमसी के बीच राजनीतिक तनाव बना हुआ है।  

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement