FIR Registered Against Singer Abhijeet Bhattacharya For Misbehavior From Woman

दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

अब 50 करोड़ से ज्यादा का बैंकों से कर्ज वाले विलफुल डिफॉल्टर्स आसानी से देश छोड़कर के भाग नहीं सकेंगे। केंद्र सरकार ऐसे लोगों पर नकेल कसने के लिए पासपोर्ट एक्ट में बदलाव करने जा रही है।

 

कमेटी ने सरकार को दिया सुझाव

वित्तीय मामलों को देखने वाली राजीव कुमार की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने सरकार को सुझाव देते हुए कहा है कि नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और विजय माल्या जैसे भगोड़ों द्वारा किए गए आर्थिक अपराधों के बाद ऐसे और लोगों के देश छोड़ने में मुश्किल हो जाएगी।

पासपोर्ट एक्ट में होगा यह बड़ा बदलाव

कमेटी ने केंद्र सरकार को सुझाव देते हुए पासपोर्ट एक्ट के सेक्शन 10 में बदलाव करने के लिए कहा है। कमेटी ने अपनी सिफारिश देते हुए कहा कि विलफुल डिफॉल्टर्स के द्वारा कभी भी देश छोड़ने पर पाबंदी लगाने के लिए, 50 करोड़ तक का कर्ज बैंकों से लेने वालों पर रोक लगाई जा सकती है। पासपोर्ट एक्ट में सेक्शन 10 पासपोर्ट पर रोक लगाने या फिर उसको जब्त करने पर फैसला लेता है।

 

यह होगा बदलाव

सरकार दोहरी नागरिकता और पासपोर्ट से जुड़े नियमों में बदलाव करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक अब लोन लेकर विदेश भागना और बसना भी मुश्किल होगा। डिफॉल्टर को अब विदेश जाने की अनुमति लेनी होगी। आर्थिक अपराधियों के विदेश जाने पर रोक भी लगने की संभावना है।

आसानी से नहीं मिलेगी नागरिकता

सरकार की दोहरी नागरिकता के नियमों में बदलाव की तैयारी है। जिसके तहत दूसरे देशों की नागरिकता लेने पर सख्ती होगी। इसके लिए पासपोर्ट नियमों में बदलाव की भी तैयारी है। इस मुद्दे पर वित्त मंत्रालय में बैंकिंग सचिव ने बैठक की है। सूत्रों ने कहा कि मौजूदा प्रणाली में किसी डिफॉल्टर को अपराधी घोषित करने में काफी समय लगता है। ऐसे में समिति ऐसे तरीकों पर विचार कर रही है ताकि ऐसे मामलों में पहले से सतर्क किया जाएगा।

 

मार्च में सरकार ने लागू किया ये नियम

केंद्र सरकार ने मार्च में सभी बैंकों को आदेश दिया था कि 50 करोड़ से ज्यादा का लोन लेने वाले सभी कर्जधारकों के पासपोर्ट डिटेल्स को भी लें। किसी भी इतने बड़े कर्जधारक को देश से बाहर जाने के लिए सरकार से मंजूरी लेना भी आवश्यक होगा।

कमेटी में शामिल हैं ये लोग

जिस कमेटी ने यह सिफारिश की है उनमें आरबीआई, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ईडी और सीबीआई के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

 

“फरार होने वालों की नागरिकता रद्द की जाए”

गृह मंत्रालय ने पंजाब नेशनल बैंक के 14000 करोड़ रुपये घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी के एंटीगुआ की नागरिकता लेने की खबर के बाद इस समिति का गठन किया था। समिति को ऐसे भारतीय पासपोर्ट धारकों के मामलों को देखने को कहा गया था जिन्होंने दोहरी नागरिकता ले ली है। समिति ने वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार की अध्यक्षता में एक उपसमिति बनाई थी जिसे भारतीय पासपोर्ट के दुरुपयोग और दोहरी नागरिकता के मुद्दे को देखने का काम सौंपा गया था। 

पंजाब नेशनल बैंक में दो अरब डॉलर का घोटाला सामने आने के बाद वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से 50 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लेने वालों के पासपोर्ट का ब्योरा जुटाने को कहा था। इस घोटाले का सूत्रधार नीरव मोदी और उसका मामा मेहुल चोकसी देश से भाग चुके हैं। शराब कारोबारी विजय माल्या मार्च, 2016 में देश छोड़कर भाग गया था। माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस अपना कर्ज चुकाने में विफल रही थी।

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