Mona Lisa to use her personal sari collection for new show

दि राइजिंग न्‍यूज

नई दिल्‍ली।

 

अयोध्‍या मामले में कपिल सिब्‍बल से किनारा काटने वाले और लताड़ लगाने वाले सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अब यूटर्न ले लिया है।

पहले सुन्नी वक्फ बोर्ड के हाजी महबूब ने कहा कि कपिल सिब्बल हमारे वकील हैं, लेकिन वो एक राजनीतिक पार्टी से जुड़े हुए हैं। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर की सुनवाई टालने की सिब्बल की मांग गलत थी। हम मामले में जल्द से जल्द समाधान चाहते हैं।

 

 

हालांकि थोड़ी ही देर में वो अपने बयान से पलट गए। उन्होंने कहा, ''अगर बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के कंवेनर जफरयाब जिलानी कपिल सिब्बल के बयान को सही ठहराते हैं, तो मैं उनसे सहमत हूं।'' फिलहाल उनके इस बदले रुख की वजह का पता नहीं चल पाया है।

 

मामले में जफरयाब जिलानी का कहना है कि यह सब मीडिया का बनाया हुआ है। मीडिया बीजेपी की हर बात करती है। हम कपिल सिब्बल की बातों से सहमत हैं। कपिल सिब्बल ने हमसे बात करने के बाद ये बात कही और सच भी है कि मामले का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश हो रही है। प्रधानमंत्री गुजरात में कपिल सिब्बल की बात कर रहे हैं।

 

जिलानी ने कहा आगे कहा कि- आखिर इस मुद्दे पर पीएम का बात करना शोभा देता है? उन्होंने कहा कि इससे हर हाल में बीजेपी को ही फायदा हो रहा है। हाजी महमूद की हमसे बात नहीं हुई है, उनसे बात होगी, तो वो भी हमसे सहमत होगें। हम ये लड़ाई इतने सालों से लड़ रहे हैं। ऐसे कैसे इस पर दावा छोड़ देंगे। 1950 से मस्जिद पर कब्ज़ा है। पीएम मोदी को इसकी फिक्र नहीं है। क्या मोदी सिर्फ हिंदुओं के पीएम हैं? उनको क्या मुसलमानों की फिक्र नहीं है?

 

 

वहीं, हाजी महबूब के कपिल सिब्बल से असहमति वाले बयान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारीफ की थी। साथ ही मामले को लेकर बीजेपी और हमलावर हो गई है। जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मसले पर अपना रुख साफ करने के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को बधाई दी है, तो वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस पर फिर से करारा हमला बोला है।

 

बुधवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि अब सुन्नी वक्फ बोर्ड ने भी कह दिया है कि सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मामले की सुनवाई टालने के कपिल सिब्बल के बयान से वह सहमत नहीं है।

 

शाह ने ट्वीट किया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड के बयान से साफ हो गया है कि कपिल सिब्बल ने शीर्ष अदालत में सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील के तौर पर नहीं, बल्कि कांग्रेस नेता के रूप में राम मंदिर मामले की सुनवाई टालने की मांग की थी। सिब्बल ने कांग्रेस हाईकमान के निर्देश पर ऐसी मांग की थी। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि राम मंदिर पर कांग्रेस का दिखावा बेहद शर्मनाक है।

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement

Loading...

Public Poll