Ayushman Khurrana Wants To Work in Kishore Kumar Biopic

दि राइजिंग न्‍यूज

नई दिल्‍ली।

 

शुक्रवार को सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि कश्मीर से आतंकवाद खत्म नहीं हुआ। सेना का फोकस अभी तक दक्षिण कश्मीर पर था, लेकिन उत्तर कश्मीर की तरफ से भी सर्दियों में घुसपैठ हो रही है इसलिए इस साल हमारा विशेष फोकस उत्तर कश्मीर पर रहेगा। रावत ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की उन चौकियों को हमने तबाह किया है जहां से आतंकियों को घुसपैठ कराईं जाती थी। हमने बड़े पैमाने पर पाक सैनिकों को मार गिराया। जितने सैनिक हमारे मारे गये उससे चार गुना ज्यादा पाक सैनिक मारे गए हैं।

 

 

चीन का दखल को बर्दाश्त नहीं

सेना प्रमुख ने कहा कि चीन की चुनौती बढ़ रही है। यह सिर्फ सीमा तक नहीं है बल्कि साइबर और अन्य चुनौती भी है। सेना ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि डोकलाम एवं तूतिग जैसी घटनाएं सामने आईं तो सेना तुरंत जवाब देगी। अब चीन का दखल बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा।

 

 

रावत ने आगे कहा कि सेना की कार्रवाई से पाकिस्तान कराह रहा है। वह खुद सीजफायर का उल्लंघन करता है, लेकिन हमारी कार्रवाई के बाद चाहता है कि 2002 जैसी सीजफायर की स्थिति बहाल की जाए। हमने कहा है कि पहले आंतकी घुसपैठ कराना बंद करो।

 

 

शहीदों के बच्चों के लिए स्कूल

रावत के अनुसार शहीदों के बच्चों के लिए सेना संस्कृति स्कूल की तर्ज पर दो स्कूल खोलेगी। एक पठानकोट तथा दूसरा भोपाल या सिंकदराबाद में खोला जाएगा। इसे सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि शहीदों के बच्चों के लिए स्कूल फीस में दस हजार रुपये की अधिकतम सीमा निर्धारित करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाएगा।

 

 

सेना प्रमुख ने कहा कि कश्मीर के स्कूलों में सही शिक्षा नहीं दी जा रही। भारत का नक्शा अलग और कश्मीर का अलग दिखाया जा रहा है। साथ ही मदरसों एवं मस्जिदों में भी सही शिक्षा नहीं दी जा रही है। इन पर नियंत्रण की जरूरत है।

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