Anil Kapoor Will be Seen in The Character of Shah jahan in Next Project

दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

सऊदी अरब से मंगलवार को क्रिश्चियन मिशेल को बिना शर्त भारत प्रत्यर्पित किया गया। दरअसल, उसे अगस्ता वेस्टलैंड डील में कथित “बिचौलिए” के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, उसने यूपीए नेताओं और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को घूस देने की बात से साफ इंकार किया है। जबकि उसके हाथ से लिखे नोट में घूस की बात लिखी हुई है। हालांकि उसने यह बात स्वीकार की है कि अगस्ता वेस्टलैंड से उसने कंसल्टेंसी फीस ली थी। मिशेल की पूछताछ से परिचित अधिकारियों का कहना है कि उसने घूस के किसी भी लाभार्थी का नाम नहीं बताया है। उसका दावा है कि वह डिस्लेक्सिक (लिखने-पढ़ने में दिक्कत) से पीड़ित है।

बिचौलिए मिशेल ने अधिकारीयों को बताया...

मिशेल ने सीबीआई अधिकारियों को बताया कि वह लिख नहीं सकता है और जो घूस वाले हाथों से लिखे नोट मिले हैं जिनमें राजनेताओं और नौकरशाहों को कथित घूस दिए जाने की बात है उसे गुइडो हास्चके नाम के अन्य यूरोपिय बिचौलिये ने लिखा है। हाथ से लिखे जो नोट मिले हैं उसमें सोनिया गांधी को वीआईपी चॉपर के पीछे की प्रेरक शक्ति बताया गया है। नोट में मिशेल ने कहा है कि सोनिया के अलावा पीटर हुलेट (अगस्ता वेस्टलैंड के तत्कालीन भारतीय प्रमुख) को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी और सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल को साधना चाहिए।

 

कोडिंग का इस्तेमाल

दूसरा नोट बजट एक्सपेंडीचर आइटम नाम का शीर्षक है जिसे हास्चके के लिए 2008 में मिशेल के लंदन स्थित दफ्तर में लिखा गया था। इसमें कुछ पदों को शॉर्ट फॉर्म में लिखा गया था। जैसे कि डीसीएच, पीडीएसआर, डीजी मेन्ट और एफटीटी, जो एएफ (एयर फोर्स) हेडर के नीचे लिखे हैं। इसमें बहुत से लोगों के नाम हैं जिन्हें कथित तौर पर 30 मिलियन यूरो की घूस दी गई है। इसमें पीओएल हेडर के नीचे एफएएम और एपी लिखा हुआ है, जिसे इटली के जांचकार्ताओं का मानना है कि इनका मतलब राजनेताओं से है। मिशेल ने हास्चके पर इन नोट में खुद को आरोपी बनाए जाने का आरोप लगाया है।

सब कुछ जानता है मिशेल

नोट्स में जो एफएएम लिखा है उसे माना जा रहा है कि यह एसपी त्यागी के परिवार, उनके कजिन संजीव, राजीव और संदीप हैं। एक सीबीआई अधिकारी का कहना है कि मिशेल अपने ऊपर लगे कथित घूस देने के आरोपों को हास्चके पर इसलिए डाल रहा है ताकि वह खुद को और भारतीय राजनेताओं के साथ ही उन लोगों को बचा सके जिनके साथ उसके संपर्क हैं। अधिकारी ने कहा, “वह सबकुछ जानता है और अपनी मर्जी के अनुसार हमारे सवालों पर प्रतिक्रिया देता है। जब उसे पता चला कि हमारे पास कुछ ट्रांजेक्शन से जुड़े दस्तावेज हैं तो वह थोड़ा उग्र हो गया।”

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