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एकेटीयू के कुलसचिव आयोग में तलब, लगाई फटकार

Campus Corner Lucknow | 26-Oct-2016 01:29:37 PM            

  • आयोग ने पूछा- “आप की लापरवाही पर हम क्यों न अपनी कमेटी बनाकर जांच करवाएं
  • दलित उत्पीड़न, विनियमितिकरण के मामले में आयोग सख्त

Sc/st commission take some action against aktu administration


दि राइजिंग न्यूज

26 अक्टूबर, लखनऊ।

डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि में दलित उत्पीड़न और विनियमितिकरण-अनियमि‍तता के मामले में एकेटीयू प्रशासन के रवैये से नाराज आयोग ने कुलसचिव को तलब किया है। पांच नवम्बर को कुलसचिव को इंदिरानगर आयोग कार्यालय आकर जवाब देने को कहा है। इसके साथ ही उदासीनता बरतने पर खफा आयोग के सवाल ‍किया, आप की लापरवाही पर हम क्यों न अपनी कमेटी बनाकर जांच करवाएं।


बता दें कि उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति व जनजाति आयोग में एकेटीयू के दलित कर्मचारी मनीष कुमार को एक महिला के जरिए की गई शिकायत के बाद बिना जांच ‍किए नौकरी से हटा देने का मामला दर्ज कराया था। उन्होंने शिकायत की थी कि नियमितिकरण के मामले अनियमितता बरती गई हैं।  इस कारण उनको प्रताडि़त किया गया और नौकरी से निकाला गया। पांच-छह महीना गुजरने के बाद भी कोई हल न निकल पाने की दशा में आयोग ने 24 अक्टूबर को विवि के प्रतिनिधि के रूप में आए एक अधिकारी को फटकार लगाई।


प्रताड़ित करने वाला मामला

प्रतिनिधि के रूप में आए एक ‍अधिकारी को फटकार लगाई गई। सूत्र बताते हैं कि आयोग ने कहा ‍कि छह माह बीत जाने के बाद भी मामला क्यों लटका है। प्रतिनिधि ने कहा ‍कि पूरा मामला राज्यपाल के पास है। तब उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने एकेटीयू को पत्र लिखा था कि कमेटी बनाकर जांच कराएं, उसका क्या हुआ। तब उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न का मामला है। इस बात पर ‍शिकायत करने वाले मनीष कुमार ने कहा ‍कि इन पर भी एक ‍महिला ने घूस मांगने का गंभीर आरोप लगाया था, लेकिन सिर्फ ‍शिकायत के आधार पर निकालना था तो यह क्यों नहीं निकाले गए। इस पर आयोग सख्त हुआ और कहा ‍कि विनियमितिकरण में भी अन्य मामलों के साथ दो चपरासी को बाबू बनाने का मामला संदेह पैदा करता है। संतुष्‍ट न होने पर कहा ‍कि आप को कुछ पता ही नहीं इस मामले में कुलसचिव को पांच नवम्बर को तलब ‍किया।


मामले में आगे क्‍या

  • उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति व जनजाति के अध्यक्ष रामदुलार राजभर से जब बात की गई तब उन्होंने बताया कि कुलसचिव को पांच नवम्बर को बुलाया है।
  • प्रथम दृष्टया उत्पीड़न का मामला व विनियमितिकरण में भी दलित के साथ अन्याय का मामला दिख रहा है।
  • विवि के साथ शासन व राज्यपाल को भी कई पत्र भेजे गए लेकिन इस मामले में विवि उदासीनता बरत रहा है।
  • अब हम खुद कमेटी बनाकर टीम भेजेंगे जो इस पूरे मामले की जांच करेगी। ‍जिससे जल्द ही प्रकरण को समाप्त किया जा सके।


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