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वो “लाल” जो सच में बहादुर था... जानिए शास्‍त्री से जुड़ी खास बातें

Home | 11-Jan-2018 15:10:51 | Posted by - Admin
   
52th Death Anniversary of Lal Bahadur Shastri

दि राइजिंग न्‍यूज

आउटपुट डेस्‍क।

 

आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 52वीं पुण्यतिथि है। शास्त्री का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी में दो अक्टूबर, 1904 को शारदा प्रसाद और रामदुलारी देवी के घर हुआ था। उन्होंने 11 जनवरी, 1966 को उज़्बेकिस्तान के ताशकंद में अंतिम सांस ली थी। उसी दिन उन्होंने ताशकंद घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे। वह पहले व्यक्ति थे, जिन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से नवाजा गया था।

 

 

लाल बहादुर शास्त्री से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिन्‍हें बहुत कम लोग जानते हैं...

 

  • पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म दो अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। उनके पिता एक स्कूल शिक्षक थे। जब लाल बहादुर शास्त्री केवल डेढ़ वर्ष के थे तभी उनके पिता का निधन हो गया।

  • बचपन से ही लाल बहादुर शास्त्री को काफी गरीबी और मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई जगह इस बात का भी जिक्र किया गया है कि पैसे नहीं होने की वजह से लाल बहादुर शास्त्री तैरकर नदी पार कर स्कूल जाया करते थे। हालांकि इसको लेकर कुछ पुख्ता तथ्यों में दूसरी तरह का दावा किया गया है।

  • बचपन में दोस्तों के साथ शास्त्री जी गंगा नदी के पार मेला देखने गए थे। वापस लौटते के समय उनके पास नाववाले को देने के लिए पैसे नहीं थे और दोस्तों से पैसे मांगना उन्होंने ठीक नहीं समझा। बताया जाता है कि उस समय गंगा नदी भी पूरे उफान पर थी। उन्होंने दोस्तों को नाव से जाने के लिए कह दिया और बाद में खुद नदी पार करके आए।

  • आर्थिक तंगी की वजह से शास्त्री जी को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। उनको वाराणसी भेज दिया गया। पढ़ाई करने के लिए वह कई मीलों पैदल चलकर स्कूल जाते थे।

  • शास्त्री जी जात-पांत का हमेशा विरोध करते रहे। यहां तक कि उन्होंने कभी अपने नाम के आगे भी अपनी जाति का उल्लेख नहीं किया। शास्त्री की उपाधि उनको काशी विश्वविद्यालय से मिली थी।

  • उनके नाम के साथ जुड़ा “शास्त्री” काशी विद्यापीठ द्वारा दी गई उपाधि है। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने दो साल तक काम किया। उनका प्रधानमंत्रित्व काल नौ जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक रहा।

  • भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई में देश के दूसरे प्रधानमंत्री नौ साल तक जेल में रहे। असहयोग आंदोलन के लिए पहली बार वह 17 साल की उम्र में जेल गए, लेकिन बालिग न होने की वजह से उनको छोड़ दिया गया।

  • शास्त्री जी दहेज विरोधी थे, कहा जाता है कि उन्होंने अपनी शादी में दहेज लेने से इनकार कर दिया था, लेकिन ससुर के बहुत जोर देने पर उन्होंने कुछ मीटर खादी के कपड़े दहेज के तौर पर लिए थे, उनकी नजर में कन्या ही सबसे बड़ा धन थी।

  • लाल बहादुर शास्त्री जी की मृत्यु यूएसएसआर के ताशकंद में हुई थी। शकंद की सरकार के मुताबिक शास्त्री जी की मौत दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुई थी पर उनकी मौत का कारण हमेशा संदिग्ध रहा। उनकी मृत्यु 11 जनवरी 1966 में हुई थी। वे उस समय देश के प्रधानमंत्री थे। उनकी मौत से जुड़े सवाल आज भी नहीं मिले हैं।

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