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दि राइजिंग न्यूज़

नई दिल्ली।

 

नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) के मुद्दे के बहाने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गैर भाजपा दलों को एकजुट करने की मुहिम तेज कर दी है। इस सिलसिले में बुधवार को उन्होंने राहुल गांधी और सोनिया गांधी समेत विपक्षी दलों के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष एकजुट होकर भाजपा को हरा सकता है। प्रधानमंत्री पद पर कोई विवाद न हो, इसलिए इस पर विचार भाजपा को हराने के बाद ही किया जाएगा।

 

ममता ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया के अलावा राजद सांसद मीसा भारती, सपा नेता राम गोपाल यादव और जया बच्चन, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, डीएमके नेताओं से मुलाकात की।इस दौरान उन्होंने एनआरसी के मुद्दे पर बात की और कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में 19 अगस्त को होने वाली महारैली का आमंत्रण दिया। वह शिवसेना नेता संजय राउत और वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी से भी मिलीं। ममता ने आडवाणी के साथ मुलाकात को शिष्टाचार मुलाकात करार दिया।

मेरे माता-पिता भी नागरिकता साबित नहीं कर पाते: ममता

केंद्र सरकार और भाजपा पर एनआरसी मुद्दे को लेकर आक्रामक ममता ने कहा कि अगर मेरे माता-पिता को भी अपनी नागरिकता साबित करनी पड़ती तो शायद वे भी नहीं कर पाते। मेरे माता-पिता साधारण किसान थे।

 

ममता घुसपैठियों को बचाना चाहती हैं: जावड़ेकर

कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस आखिर किसे बचाने के लिए एनआरसी मुद्दे पर संसद में चर्चा से भाग रहे हैं। खुद इंदिरा गांधी चाहती थीं कि बांग्लादेशी वापस जाएं। ममता बनर्जी तो घुसपैठियों को बचाना चाहती है लेकिन सोनिया गांधी को बताना चाहिए कि उनका इस पर क्या रुख है।

लखीमपुर और डिब्रूगढ़ में ममता के खिलाफ एफआईआर

एनआरसी को लेकर दिए गए भड़काऊ बयान पर ममता बनर्जी के खिलाफ असम के लखीमपुर और डिब्रूगढ़ जिले में एफआईआई दर्ज कराई गई है।

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