FIR Registered Against Singer Abhijeet Bhattacharya For Misbehavior From Woman

दि राइजिंग न्यूज़

भोपाल।

 

इंदौर में आत्महत्या करने वाले आध्यात्मिक संत भय्यूजी महाराज का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। जिसमें उन्होंने आत्महत्या करने की वजह परिवारिक कलह बताई है। सुसाइड नोट के मुताबिक वे भारी डिप्रेशन में थे। इंदौर में मंगलवार को भय्यूजी महाराज ने खुद को गोली मार ली थी। इसके बाद उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने आत्महत्या के लिए अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर का प्रयोग किया था। सूत्रों के मुताबिक उनके पास से बरामद सुसाइड नोट के मुताबिक उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।

 

उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा कि उनके परिवार में विवाद था। जिसकी वजह से वे अवसादग्रस्त हो गए थे। हालांकि पुलिस अभी भी मामले की छानबीन कर रही है। मध्य प्रदेश में भय्यू जी महाराज को राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था। कुछ वक्त पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। 1968 को जन्मे भय्यू महाराज का असली नाम उदय सिंह देशमुख था।

वह कपड़ों के एक ब्रांड के लिए कभी मॉडलिंग भी कर चुके हैं। भय्यू महाराज का देश के दिग्गज राजनेताओं से संपर्क थे। हालांकि वह शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते थे। भय्यू जी महाराज तब चर्चा में आए थे जब 2011 में अन्ना हजारे के अनशन को खत्म करवाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने उन्हें अपना दूत बनाकर भेजा था। इसी के बाद ही अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था।

 

वहीं पीएम बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। उस उपवास को तुड़वाने के लिए उन्होंने भय्यू महाराज को आमंत्रित किया था। उनका सदगुरु दत्त धामिर्क ट्रस्ट नाम का ट्रस्ट भी चलता है। अपने ट्रस्ट के जरिए वह स्कॉलरशिप बांटते थे। कैदियों के बच्चों को पढ़ाते थे। और किसानों को खाद-बीज मुफ्त बांटते थे।

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