Home Technology News Scientists Develop Paper Battery

जज लोया मौत केसः SC ने कहा- नहीं होगी सीबीआई जांच

जज लोया मौत केसः SC ने कहा- जजों के बयान पर शक की वजह नहीं

दिल्ली पुलिस पीसीआर पर तैनात एएसआई धर्मबीर ने खुद को गोली मारी

दिल्ली: केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह ने की IOC प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात

बिहार: पटना के एटीएम में कैश ना होने से स्थानीय लोग परेशान

रुपये की तरह पर्स में रख सकेंगे बैटरी

technology | 16-Jun-2017 04:08:08 PM | Posted by - Admin

   
scientists develop paper battery

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

बैटरी के भारी-भरकम आकार से अब छुटकारा मिल सकता है। वैज्ञानिकों ने अब नैनो तकनीक की मदद से ऐसी बैटरी बनाने का दावा किया है जिसे ऊर्जा के भंडारण के तौर पर आसानी से रुपये की तरह पर्स में संभाल कर रखा जा सके।

अमेरिका के कैर्लिफोनिया स्थित स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कागज की बनी बैटरी का सफल प्रयोग किया है। प्रयोग के बाद उनका दावा है कि इस बैटरी से कम वोल्टेज वाले उपकरण जैसे मोबाइल, कैलकुलेटर या हेडफोन को आसानी से चार्ज किया जा सकता है। 

शोधकर्ता अब इस बैटरी की क्षमता बढ़ाने पर लगातार प्रयास कर रहे हैं। कागज की इस बैटरी को ऊर्जा के भंडारण के लिए एक विशेष रसायन से तैयार इंक में डुबोया जाता है। इंक में डुबोते ही उसमें मौजूद ऊर्जा कागज में समाहित हो जाती है। कागज के सूखते ही उसे छोटी सी जगह पर आसानी से संभाल कर रखा जा सकता है। इसके बाद जब इलेक्लेक्ट्रॉनिक गैजेट की बैटरी चार्ज करने की जरूरत हो तो उसके सॉकेट से कागज को कनेक्ट कर ऊर्जा को ट्रांसफर की जा सकती है।

चांदी और कार्बन का प्रयोग

शोधकर्ता यी क्यूई के अनुसार उन्होंने नैनो तकनीक के आधार पर चांदी और कार्बन के तत्वों का उपयोग किया है। इसमें चांदी के नैनोवायर और कार्बन के नैनोट्यूब से बैटरी के ऊर्जा निर्माण और संचालन की प्रक्रिया तैयार की है। नैनो तकनीक की मदद से इसे एक इंक के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने दावा किया कि यह नैनो पदार्थ आकार में बहुत छोटा है। अपने छोटे डायमीटर की वजह से यह नैनो इंक कागज पर मजबूती से पकड़ बना लेती है। इस तरह से यह टिकाऊ बैटरी बन जाती है। यही टिकाउपन इसे भविष्य में सफल बना सकता है।

कभी न खराब होने वाली बैटरी

हर बैटरी की अपनी एक लाइफ होती है। इस्तेमाल के दौरान बैटरी के खराब होने की समस्या का भी समाधान अब वैज्ञानिक तलाश रहे हैं। नैनो तकनीक की मदद से यूनिवर्सिटी ऑफ कैर्लिफोनिया के ही वैज्ञानिक रेग्नॉल्ड पैनर एक ऐसी बैटरी बना रहे हैं जो कभी खराब न होगी। इसके लिए वे बैटरी के रसायनिक तत्वों को छोटे आकार में तैयार कर उसकी मात्रा में बढ़ोत्तरी करने का प्रयास रहे हैं। शोधकर्ता रेग्नॉल्ड पैनर के अनुसार उनकी कभी न खराब होने वाली बैटरी का पहला प्रयोग सफल हो गया है। जल्द ही यह बैटरी स्मार्टफोन की लाइफ बढ़ाने में मददगार साबित हो सकेगी।


यह भी पढ़ें

सवालों पर भड़के लालू, दे डाली गाली 

सलमान का जंग पर बड़ा बयान, पढ़िए क्‍या कहा

"नौकरी नहीं, दोषियों पर कार्रवाई चाहिए"

..तो मोदी के सामने झुक गए केजरीवाल!

झारखंड में अब एक रुपये में होगी रजिस्‍ट्री

"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555








TraffBoost.NET

Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll

Merchants-Views-on-Yogi-Government-One-Year-Completion




Flicker News

Most read news

 


Most read news


Most read news