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दि राइजिंग न्‍यूज

गैजेट डेस्‍क।

 

बाजार में नकली दवाइयों की कोई कमी नहीं है और न ही इसे बेचने वालों की। आए दिन पता चलता है इस दुकान या उस दुकान पर भारी मात्रा में नकली दवाईंया पकड़ी गई हैं। वैसे आपको भी लगता है कि आपने जो दवा खरीदी है वह नकली हो सकती है तो आप एक मोबाइल एप से पता लगा सकते हैं कि आप जो दवा खाने जा रहे हैं वह असली है या नकली।

ये है एप का नाम

नकली दवा की पहचान करने वाले इस खास एप का नाम ड्रगसेफ (Drugsafe) है और इसे तैयार किया है आरवी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के तीन छात्रों ने। इस एप के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने इन छात्रों को 15,000 डॉलर का इनाम भी दिया है। जिन छात्रों ने इस एप को तैयार किया है उनका नाम चिद्रूप आई, प्रतीक महापात्र और श्रीहरी एचएस है।

 

 

एप के जरिए कर सकते हैं नकली दवाइयों की शिकायत

ड्रगसेफ एप दवाइयों के कंपोजिशन की जांच करता है और मिनटों में बता देता है कि वह दवा असली है या नकली। इस एप के जरिए यह भी पता लगाया जा सकता है कि किसी खास दवा को कौन सी कंपनी बनाती है। कंपोजिशन के अलावा बैच, लोकेशन, ब्लूप्रिंट और विश्वसनीयता की भी जांच करता है।

इस एप में ऑप्टिकल चैरेक्टर रिकॉग्निशन (OCR) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। ड्रगसेफ के जरिए आप नकली दवाओं की शिकायत भी कर सकते हैं।

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