Film on Pulwama Attack in Bollywood

दि राइजिंग न्‍यूज

खेल डेस्‍क।

 

सुप्रीम कोर्ट द्वारा भारतीय क्रिकेटर श्रीसंत पर आजीवन प्रतिबंध हटते ही उनकी प्रतिक्रिया सामने आई है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद श्रीसंत ने हुंकार भरते हुए कहा कि वे जल्द ही टीम इंडिया में वापसी करेंगे। मीडिया से बात करते हुए उनके चेहरे पर आई बड़ी सी मुस्कान यह बताने के लिए काफी थी कि इस फैसले से वे कितने खुश हैं।

इस दौरान श्रीसंत ने कहा कि, चयन वगैरह चयनकर्ताओं पर निर्भर है। अभी बहुत लाइफ बाकी है तो जय माता दी। बहुत बार ऐसा हुआ है कि खिलाड़ियों को इंजरी हुई है। मैं ऐसा सोचूंगा कि मेरे साथ बड़ी इंजरी थी। श्रीसंत ने टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस का उदाहरण देते हुए कहा कि, अगर लिएंडर पेस जैसे महान खिलाड़ी 40-45 की उम्र में खिताब जीत सकते हैं तो मैं भी वापस खेल सकता हूं। क्रिकेट में भी आशीष नेहरा ने 38 साल की उम्र तक खेला, मैं भी अभी 36 साल का हूं। मेरी प्रैक्टिस जारी है। मैं मैदान पर लौटने को तैयार हूं।

जब उनसे यह पूछा गया कि, इतने लंबे समय बाद मैदान में वापसी करने आसान होगा तो उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को मैदान पर चोट लगती है और वो 2 तीन साल तक खेल से दूर रहते हैं। मैं भी ऐसी ही मानूंगा कि मुझे भी बड़ी चोट लगी थी और जिससे उबर कर मैं वापसी कर रहा हूं।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला...

जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस केएम जोसेफ वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने श्रीसंत पर लगा आजीवन प्रतिबंध हटाते हुए बीसीसीआइ से कहा कि सजा की अवधि पर नए सिरे से फैसला लिया जाए। वह यह काम तीन महीने के भीतर पूरा कर ले। बेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके इस फैसले से दिल्ली हाईकोर्ट में श्रीसंत के खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही के मामले पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। दिल्ली पुलिस ने निचली अदालत के उस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में श्रीसंत समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया था।

पढ़िए पूरा मामला

दिल्ली पुलिस ने तेज गेंदबाज एस श्रीसंत को आइपीएल में फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। 2013 में आइपीएल-6 के दौरान श्रीसंत राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा थे। दो और खिलाड़ियों अंकित चव्हाण और अजित चंडिला को पुलिस ने देर रात मुंबई के ट्राइडेंट होटल से गिरफ्तार किया था। इनके अलावा 7 सट्टेबाजों की भी गिरफ्तारी हुई थी।

पुलिस के मुताबिक खिलाड़ियों और बुकी के बीच 1 ओवर में कम से कम 14 रन देने का सौदा हुआ था, जिसके लिए उन्होंने बुकी से 60 लाख रुपये मांगे थे। मैच से पहले बुकी ने खिलाड़ियों को कोड भी दिए थे, जिसके जरिए वो मैदान में रहकर भी बुकी को संकेत दे रहे थे। पुलिस का कहना था कि श्रीसंत ने तौलिए की मदद से बुकी को संकेत दिए।

दूसरे खिलाड़ियों ने रिस्ट बैंड घुमाकर और गले के लॉकेट के जरिए संकेत दिए। पुलिस की लगातार आइपीएल के मैचों पर नजर थी। इसके बाद जांच पूरी होने तक बीसीसीआइ ने तीनों को आइपीएल से बर्खास्त कर दिया था। बाद में गिरफ्तारी के साथ ही आजीवन प्रतिबंध भी लगा दिया गया।

2015 में निचली अदालत से बरी हुए थे श्रीसंत

निचली अदालत ने 2015 में श्रीसंत को कथित स्पॉट फिक्सिंग में आपराधिक मामले से बरी कर दिया था। हालांकि, बाद में केरल हाईकोर्ट ने श्रीसंत पर लगाए गए आजीवन प्रतिबंध को बहाल कर दिया। श्रीसंत ने सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के उसी फैसले को चुनौती दी थी।

श्रीसंत ने अपनी अर्जी में निचली अदालत के फैसला का हवाला देते हुए कहा है कि बीसीसीआइ की ओर से उन पर लगाया गया, आजीवन प्रतिबंध बहुत कठोर फैसला है। ऐसा भी कोई सबूत नहीं है कि जिससे यह साबित हो पाए कि वे किसी अवैध गतिविध में लिप्त थे।

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