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दि राइजिंग न्‍यूज

खेल डेस्‍क।

 

गुरुवार से मेजबान इंग्लैंड और भारतीय टीम के बीच लॉर्ड्स में दूसरा टेस्ट शुरू होने जा रहा है। “क्रिकेट का मक्का” कहे जाने वाले लॉर्ड्स में इंग्लैंड का पलड़ा ज्यादा भारी बताया जा रहा है। दोनों टीमों के बीच यहां अब तक खेले गए कुल 17 में से सिर्फ दो टेस्ट ही टीम इंडिया जीत पाई है। वहीं, 11 टेस्ट इंग्लैंड ने अपने नाम किए हैं, जबकि चार मैच ड्रॉ हुए हैं।

दूसरा टेस्ट, 20-24 जून, 1996

तीन मैच की सीरीज में भारत 0-1 से पीछे थी। अजहरूद्दीन की कप्तानी में युवा सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ ने कमाल का खेल दिखाया था।

नजीता- ड्रॉ

 

पहला टेस्ट, 25-29 जुलाई 2002

चार टेस्ट मैच की इस सीरीज में भारतीय टीम की अगुवाई सौरव गांगुली के हाथों में थी। मैच भले ही टीम इंडिया ने 170 रन के बड़े अंतर से गंवाया, लेकिन तेज गेंदबाज अजीत आगरकर ने विपरित हालातों में अपनी बल्लेबाजी कौशल का लोहा मनवाया था।

पहला टेस्ट, 19-23 जुलाई 2007

पांच साल बाद भारतीय टीम ने यूके का दौरा किया था। हालांकि, यह मैच ड्रॉ रहा था। मगर दुनिया ने भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी के खेल की जमकर तारीफ की थी।

 

पहला टेस्ट, 21-25 जुलाई 2011

मैच में राहुल द्रविड़ ने अकेले संघर्ष दिखाया था। 196 रन से टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था, जबकि महेंद्र सिंह धोनी ने विकेटकीपिंग छोड़ गेंदबाजी कर सभी को चौंका दिया था।

दूसरा टेस्ट, 17-21 जुलाई 2014

यह सीरीज का दूसरा मुकाबला था। जहां भारतीय टीम ने 28 साल के लंबे इंतजार के बाद लॉर्ड्स में टेस्ट फतह हासिल की थी। मैच में इशांत शर्मा ने अपने जादूई स्पैल (7-74) से टीम इंडिया को सफलता के सीढ़ियों तक पहुंचाया था और 95 रन से जीत दिलाई थी।

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