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चंद्र ग्रहण में बरतें ये सावधानियां!

Spiritual | 31-Jan-2018 11:40:47 | Posted by - Admin
   
Never Do these Works in Lunar Eclipse

दि राइजिंग न्‍यूज

 

साल 2018 का पहला चंद्र 31 जनवरी यानी आज लगेगा, जबकि दूसरा चंद्र ग्रहण 27-28 जुलाई 2018 में होगा। ये दोनों पूर्ण चंद्र ग्रहण होंगे और भारत सहित अन्य देशों में दिखाई देंगे। इसकी शुरुआत आज शाम 6 बजकर 21 मिनट से होगी और समाप्‍ति रात्रि 8 बजकर 41 मिनट पर होगी।

इसका मध्यकाल सायं 6 बजकर 59 मिनट पर होगा। भारत में यह ग्रहण सायं 6 बजकर 21 मिनट से रात्रि 8 बजकर 41 मिनट तक देखा जा सकेगा।

 

 

सूतक में शुभ कार्य वर्जित

सूतक समय को सामान्यता अशुभ मुहूर्त समय माना जाता है। सामान्य शब्दों में इसे एक ऐसा समय कहा जा सकता है, जिसमें शुभ कार्य करने वर्जित होते हैं। सूतक ग्रहण समाप्ति के मोक्ष काल के बाद स्नान धर्म स्थलों को फिर से पवित्र करने की क्रिया के बाद ही समाप्त होता है।

 

 

इन कामों में बरतें सावधानी-

  • सूतक के समय भोजन आदि ग्रहण नहीं करना चाहिए और जल का भी सेवन नहीं करना चाहिए। ग्रहण से पहले ही जिस पात्र में पीने का पानी रखते हों, उसमें कुशा और तुलसी के कुछ पत्ते डाल देने चाहिए। कुशा और तुलसी में ग्रहण के समय पर्यावरण में फैल रहे जीवाणुओं को संग्रहित करने की अद्भुत शक्ति होती है। ग्रहण के बाद पानी को बदल लेना चाहिए।

  • अनेक वैज्ञानिक शोधों से भी यह सिद्ध हो चुका है कि ग्रहण के समय मनुष्य की पाचन शक्ति बहुत शिथिल हो जाती है। ऐसे में यदि उनके पेट में दूषित अन्न या पानी चला जाएगा तो उनके बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है।

  • ग्रहण के समय कभी भी पति-पत्नी को शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, इस समय बनाए गए शारीरिक संबध से कोई बच्चा होता है तो उसको जीवन भर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

  • चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को ग्रहण की छाया आदि से विशेष रूप से बचना चाहिए, क्योंकि ग्रहण की छाया का कुप्रभाव गर्भस्थ शिशु पर पड़ने का डर रहता है।

  • ग्रहण के समय देवपूजा को भी निषिद्ध बताया गया है। इसी कारण अनेक मंदिरों के कपाट ग्रहण के समय बंद कर दिए जाते हैं। ग्रहण के 12 घंटे से पूर्व ही सूतक लगने के कारण मंदिरों के पट भी बंद कर दिए जाते हैं। ऐसे में पूजा, उपासना या देव दर्शन करना वर्जित है।

  • जिस समय ग्रहण हो उस समय सोना नहीं चाहिए।  प्रेग्नेंट महिला, बीमार व्यक्ति और वृद्ध व्यक्ति आराम कर सकते हैं।

  • ग्रहण के समय कभी बाल और नाखून न कटवाएं, इस समय कोई सिलाई-कढ़ाई का काम न करें। ये अशुभ माना जाता है।

  • जब ग्रहण शुरू हो उससे पहले भोजन ग्रहण कर लें। साथ ही दूध, दही और खाने के चीजों में दूर्वा या फिर तुलसी के पत्तों को डाल दें, जिससे इन वस्तुओं को ग्रहण का असर न पड़े। ग्रहण के बाद स्नान करना चाहिए।

  • ग्रहण के दौरान दांतों की सफ़ाई, बालों में कंघी आदि न करें। इस दौरान मल-मूत्र और शौच ना करें।

  • ग्रहण के दौरान किसी नए व शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचें, वरना असफलता हाथ लग सकती है।

  • ग्रहण के समय भोजन करना और बनाना आदि को त्याग देना चाहिए।

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