Coffee With Karan Sixth Season Teaser Released

दि राइजिंग न्‍यूज

 

कन्या पूजन के बिना नवरात्रि व्रत को अधूरा माना जाता है। भविष्यपुराण और देवीभागवत पुराण के अनुसार नवरात्रि के अंत में कन्या पूजन जरूरी माना गया है। 

 

 

कन्या पूजन अष्टमी या नवमी में से किसी एक दिन करना श्रेष्ठ माना जाता है। कन्या पूजन के लिए सबसे पहले सुबह स्नान कर विभिन्न प्रकार का भोजन जैसे हलवा, पूरी, खीर, मिठाई, दही आदि तैयार करना चाहिए। कन्या पूजन के निमित्त तैयार किए हुए इस भोजन में से सबसे पहले मां दुर्गा को भोग लगाना चाहिए।

 

 

कन्याओं की आयु और संख्या

दस वर्ष तक की नौ कन्याओं को घर पर भोजन करने के लिए बुलाना चाहिए। यदि नौ कन्या नहीं उपलब्ध हो सके तो कम से कम तीन या पांच कन्याओं को बुलाना चाहिए।

  

 

कन्याओं का स्वागत

इन कन्याओं को भोजन कराने से पहले शुद्ध पानी से इनका पैर धोना चाहिए। फिर साफ स्थान पर शुद्ध आसन पर बैठाना चाहिए। फिर इन कन्याओं के माथे पर लाल चंदन का टीका लगाना चाहिए। 

 

 

कन्या पूजन

साथ ही इन कन्याओं के बाएं हाथों पर लाल रंग का रक्षा सूत्र बंधना चाहिए। बाद में मां दुर्गा को जिस भोजन का भोग लगाया हो उसे सबसे पहले प्रसाद के रूप में कन्याओं को खिलाना चाहिए। 

 

 

दक्षिणा 

जब कन्याएं पेट भर के भोजन कर लें तो उन्हें दक्षिणा में रुपया, सुहाग की वस्तुएं, चुनरी आदि उपहार में अवश्य देनी चाहिए। अंत में कन्याओं के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लेकर उन्हें प्रेमपूर्वक विदा करना चाहिए।

 

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement