Loveratri First Song Release

दि राइजिंग न्‍यूज

आउटपुट डेस्क।

 

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करीब 27 किमी दूरी पर चंद्रखुरी में कौशल्या माता का मंदिर है। छत्तीसगढ़ की पावन भूमि में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जननी माता कौशल्या का मंदिर पूरे भारत में एक मात्र और दुर्लभ मंदिर तो है ही यह छत्तीसगढ़ राज्य की गौरवपूर्ण अस्मिता भी है। प्राकृतिक सुषमा के अनेक अनुपम दृश्य हैं यहां पर।

छोटे से गांव में है मंदिर

इस मंदिर के गर्भगृह में मां कौशल्या की गोद में बालरूप में भगवान श्रीरामजी की वात्सल्यम प्रतिमा श्रद्धालुओं एवं भक्तों का मन मोह लेती है। कौशल्या मंदिर रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के अंतर्गत चंद्रखुरी नामक एक छोटे से गांव में स्थित है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 27 किमी पूर्व दिशा में एक सुंदर विशाल जल सेना जलाशय के मध्य में स्थित है।

 

वाल्‍मीकि रामायण के अनुसार...

वाल्‍मीकि रामायण के अनुसार अयोध्यापति युवराज दशरथ के अभिषेक के अवसर पर कोसल के राजा भानुमंत को अयोध्या आमंत्रित किया गया था। राजा भानुमंत के साथ उनकी पुत्री भी अयोध्‍या आईं। राजा दशरथ जो उस समय युवराज थे राजकुमारी की सुंदरता से मुग्ध होकर युवराज दशरथ ने भानुमंत की पुत्री से विवाह का प्रस्ताव रखा। इसके बाद कालांतर में युवराज दशरथ एवं कोसल की राजकन्या भानुमति का वैवाहिक संबंध हुआ। कोसल की राजकन्या भानुमति को विवाह उपरांत कोसल राजदूहिता होने के कारण कौशल्या कहा जाने लगा। छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम कोसल था। रामायण काल में छत्तीसगढ़ का अधिकांश भाग दण्डकारण्य क्षेत्र के अंतर्गत आता था। यह क्षेत्र उन दिनों दक्षिणापथ भी कहलाता था। यह रामवनगमन पथ के अंतर्गत है इस कारण श्रीरामचंद्र जी के यहां वनवास काल में आने की जनश्रुति मिलती है। उनकी माता की जन्मस्थली होने के कारण उनका इस क्षेत्र में आगमन ननिहाल होने की पुष्टि करता है।

1973 में किया गया मंदिर का जीर्णोद्धार

चंद्रखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर का जीर्णोद्धार 1973 में किया गया था। पुरातात्विक दृष्टि से इस मंदिर के अवशेष सोमवंशी कालीन आठवीं-नौंवी शती ईस्वीं के माने जाते हैं।

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement

Public Poll