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यूपी में नया वीरप्पन!

  • ताबड़तोड़ चंदन पेड़ों की कटान से पुलिस भी दंग
  • डीएम के घर से लेकर विश्वविद्यालय तक से कट गए चंदन के पेड़



 

दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

12 जनवरी, लखनऊ।

तमिलनाडु के कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन को शायद आप भूले न हो। चंदन की लकड़ी की तस्करी कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर कुख्यात वीरप्पन का याद अब यूपी में ताजा हो गई है। कारण है कि ताबड़तोड़ चंदन के पेड़ों की कटाई और फिर उन्हें ऐसे ठिकाने लगा दिया गया किसी को कानों-कान भनक न हुई। गिरोह इतना सुनियोजित और व्यवस्थित ढंग से वारदात कर रहा है कि मुस्तैद पुलिस लकीर पीटने के अलावा कुछ नहीं कर पा रही है।

राजधानी मे चंदन पेड़ काटने की पहली वारदात करीब दो महीने पहले हुई। राजधानी वाले जब दीपावली त्योहार की खुमारी उतार रहे थे, शातिर चंदन लकड़ी चोर राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान केंद्र के परिसर से लगे चंदन के दो पेड़ काट ले गए। पेड़ जब काटे गए, संस्थान के सभी गेटों पर सुरक्षा गार्ड तैनात थे मगर उन्हें चोरी की भनक तक नहीं लगी। 

चंदन के पेड़ चोरी जाने के बाद हो हल्ला मचा। पुलिस में रिपोर्ट हुई लेकिन चंदन तस्करों पर उसका असर न पड़ा। उन्होंने अगली वारदात बहराइच में जिलाधिकारी आवास परिसर में अंजाम दे डाली। वहां चोर जिलाधिकारी आवास पर लगे चंदन के दो पेड़ काट ले गए। घटना से झल्लाए जिलाधिकारी ने अपनी खीज होमगार्ड जवान पर उतारी और उसकी जमकर पिटाई की। यह मामला अभी चल ही रहा है।

इन दो घटनाओं के बाद भी वन विभाग ने कोई सबक लिया न पुलिस ने। नतीजा यह रहा है कि तस्करों से अगला निशाना लखनऊ विश्वविद्यालय के वनस्पति विभाग को बनाया। यहां पर चोर चंदन के दो पेड़ और काट ले गए। खास बात यह कि वनस्पति विभाग संकाय के जिस हिस्से में पेड़ थे, वहां आसपास के लोगों के घरों में सीसीटीवी कैमरे भी थे लेकिन कोहरे के कारण उसमें पता नहीं चला। 

चंदन तस्कर इस कदर बेखौफ थे कि उन्होंने पेड़ काटने के बाद वहीं पर उसके छोटे-छोटे टुकड़े किए और फिर उसे सहजता से लाद ले गए। यही नहीं, इस घटना के तीसरे दिन यानी गत सोमवार को चंदन चोरों के इस गिरोह ने फैजाबाद में भी चंदन के पेड़ काट कर गायब कर दिए। 


किसी बड़े शातिर गिरोह का हाथ

 लगातार हो रही चंदन के पेड़ों की कटाई और फिर लकड़ी गायब कर देने के तरीके के चलते इस पूरे गोरखधंधे में किसी शातिर बड़े गिरोह का हाथ नजर आता है। पूर्व में हुई घटना से साफ है कि गिरोह के पास पेड़ काटने के लिए नवीन और बैट्री चालित उपकरण है बल्कि काटे गए पेड़ के परिवहन का भी इंतजाम है। साथ ही गिरोह का सूचना तंत्र  भी सटीक है, यही कारण है कि जिन स्थानों पर वारदात की गई, वहां पर खासी सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद किसी को भनक तक नहीं लगी।


न रहे बांस, न बजे बांसुरी

प्रदेश भर में चंदन के पेड़ों की काटने की घटनाएं ताबड़तोड़ हो रही हैं लेकिन वन विभाग एकदम चिंता मुक्त है। कारण है कि लखनऊ वन प्रभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास चंदन का पेड़ ही नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक वन विभाग के पास महज चंदन का पेड़ है जो मूसा बाग में लगा है और उसकी ऊंची महज  20 सेमी है यानी एक फुट से भी कम। अब इस पेड़ को काटेगा भी कौन। 

 

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