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कानून पर भारी वीआइपी का रसूख

  • मुख्‍य सचिव के आदेशों की उड़ाई जा रहीं खिल्लियां
  • अनुपालन के बजाए परिभाषा बांचने में लगी ट्रैफिक पुलिस


नियम के खिलाफ पार्किंग

 

दि राइजिंग न्‍यूज

29 दिसंबर, लखनऊ।

बत्ती लगी कारों में चल रहे रसूखदार अधिकारियों – नेताओं के आगे बेबस हैं। हजरतगंज से लेकर हर छोटे बड़े बाजार में बत्ती लगी गाड़ियां सड़क पर कब्जा करके खड़ी होती है। यहीं से गुजरने वाले अधिकारी या फिर ड्यूटी पर तैनात सिपाही भी इन्हें देखते हैं लेकिन कार्रवाई की जुर्रत नहीं करते। यही काऱण है कि बत्ती लगी कारों का क्रेज कम होने का नाम नहीं ले रहा है। यही नहीं, इसे लेकर मुख्य सचिव ने भी आदेश दिए हैं लेकिन यातायात पुलिस कार्रवाई करने के बजाए आदेशों की अलग अलग व्याख्या कर रही है।


बच्चों का स्कूल हो या फिर मुख्य बाजार। मगर बत्ती लगी गाड़ियां नियम तोड़ने में सबसे आगे हैं। इन गाड़ियों को रोकने में पुलिस कर्मी भी हिचकते हैं। अब हजरतगंज बाजार ही देखिए। यहां पर मेट्रो का निर्माण होने के कारण दिन भर जाम लगा रहता है लेकिन इस जाम से इतर वीआइपी गाड़ियां सड़क किनारे ही लगती हैं। जबकि यहां पर पचास मीटर से भी कम दूरी पर मल्टीलेवल पार्किंग है। इसका जायजा बुधवार दि राइजिंग न्यूज की टीम ने लिया।

यहां खड़े मिले वाहन-

लाल बत्‍ती वाले वाहन


  • मुख्‍य महाप्रबंधक डाकघर के सामने टोयोटा की यूपी 32 एफके 2736 और यूपी 32 जीबी 9604 खड़ी रही।
  • कलकत्‍ता इन स्‍टाइल के सामने सड़क पर टोयोटा की यूपी 65 बीजी 1245 वाहन खड़ा रहा।
  • हलवासिया चौराहे के पास हुंडई की यूपी 32 जीजे 3855 भी अवैध रूप से पार्किंग में खड़ी रही।


नीली बत्‍ती वाले वाहन


  • कलकत्‍ता इन स्‍टाइल के सामने पुलिस की स्‍कार्पियो गाड़ी यूपी 78 बीजी 0550 खड़ी रही।
  • डीएम आवास के पास मजिस्‍ट्रेट की स्विफ्ट यूपी 32 एफक्‍यू 8458 खड़ी मिली।
  • सुजुकी कंपनी की गाड़ी यूपी 32 जीयू 1788 भी पार्किंग के बाहर मिली।
  • एंबेसडर कार यूपी 30 एन 7555 का मालिक भी सड़क पर गाड़ी खड़ी कर खरीदारी में व्‍यस्‍त रहा।

 

मल्टीलेवल पार्किंग के बाहर ही वाहन

हजरतगंज में बनी मल्टीलेवल पार्किंग में करीब दो हजार वाहन आसानी से खड़े हो सकते हैं। आम लोगों को पार्किंग में वाहन खड़ा करने की हिदायत दी जाती है। पार्किंग के गेट के पास पुलिस चौकी है लेकिन नीली व लाल बत्ती की कारें पार्किंग के बाहर ही प्लेटफार्म पर खड़ी होती हैं। पुलिस का आलम यह है कि इन वाहनों का चस्पा चालान तक करने की जहमत पुलिस नहीं उठाती।

 

प्रमुख सचिव ने विभागों को आदेश दिए हैं कि विभाग स्‍वंय ही इसे लागू करवाएं। आवश्‍यकता पड़ने पर लाल-नीले वाहनों के खिलाफ अभियान भी चलाया जाता है। अधिकारियों को गलत पार्किंग करने पर स्‍वयं भी सोचना समझना चाहिए, इससे आम लोगों में गलत असर पड़ता है। लेकिन आम आदमी के वाहन खड़ा करने पर चालान क्यों किया जाता है, इस पर कुछ नहीं कहना।

डॉ. राजेश तिवारी – क्षेत्राधिकारी, यातायात

 

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