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सत्कार ऐसा, लागै राजस्थानी राजघराना को मेहमान

  • आकर्षित कर रहा है राजस्थानी व गुजराती खानों का रेस्त्रां श्रीराज भोग
  • 299 में थाली, खाए भरपूर पेट रहे न खाली



 


दि राइजिंग न्यूज

28 सितम्बर, लखनऊ।

नवाबों के शहर लखनऊ में इन ‍दिनों राजस्थानी‍ और गुजराती खानों का चलन खूब बढ़ रहा है। हम हर वक्त जयपुर या राजस्थान तो जा रहीं सकते। वहां के राजघराने में खाने का एहसास भला कौन भूल सकता है। जिन्होंने ने भी राजस्थान की सैर की है वे वहां की यादों में खोए ही रहते हैं। लखनऊ में भी राजस्थानी पकवानों का लुत्फ उठाने और राजघराने में अतिथि सत्कार का अनुभव राजधानीवासी ले सकते हैं। इसके लिए आप को बीबीडी विराज टॉवर के सामने बने राजस्थानी व गुजराती रेस्ट्रां श्रीराज भोग जाना होगा।


एक बार जाकर देखिए। आप को लगेगा कि आप जयपुर या जोधपुर के किसी बड़े राजस्थानी होटल में पहुंच गये हैं। दाल-बाटी-चूरमा हो या गट्टा की सब्जी के साथ 30 प्रकार के लजीज पकवान व उसके बाद मालपुवे का स्वाद क्या कहना। आ गया न मुंह में पानी। यह सब कुछ श्रीराज भोग में मिल रहा है। इतना ही नहीं बेहतर राजस्थानी स्वाद के साथ खुशनुमा माहौल आप को राजस्थान में होने का एहसास कराएगा।


घूमने गये, खाया खाना और 10 दिन में खोल दिया रेस्त्रां

रेस्त्रां के मालिक सुदीप रस्तोगी ने बताया ‍कि, एक बार वे राजस्थान घूमने गये। विभिन्न स्थानों पर गये लेकिन जब जोधपुर पहुंचे और वहां के एक नामी रेस्त्रां में राजस्थानी पकवान चखा तो लगा ‍कि, ऐेसा लखनऊ में होना चाहिए। वहीं के मैनेजर रतन सिंह राठौर से बात हुई और 10 दिन में लखनऊ पहुंचने को कहा और मेरा सपना यहां पर शुरू हो गया।


299 में भरपेट भोजन

श्रीराज भोग में जो सबसे अच्छी बात है वह यह कि, यहां पर 299 में भरपेट भोजन कोई कर सकता है। 299 में थाल का आफर है, ‍जिसमें 30 लजीज आइटम रहते हैं। खाना इतना स्वादिष्ट कि, अगर आप को भूख नहीं लगी है तो थाल देखकर ही लग जायेगी। इसमें दाल, बाटी, चूरमा, गट्टा की सब्जी, खेर सांगड़ी, विभिन्न प्रकार की चटनी, कड़ी व मालपुआ जैसे बेहद स्वादिष्ट आइटम शामिल हैं। इसके साथ ही इस थाल में गुजराती खाने का भी स्‍वाद मिलेगा।  


विरासत व परम्परा है हमारी विशेषता

मैनेजर रतन‍ सिंह राठौर ने श्रीराज भोग को जीवन दिया है। वे जोधपुर में थे ‍फिर यहां आकर इसे शुरू किया। वे 20 साल तक मुम्बई में भी रहे और दुनियाभर के पर्यटकों को राजस्थानी खाने से लुभाते रहे। कहते हैं ‍कि, जब सुदीप भाई ने यहां आने का आफर दिया तो पहले तो उन्‍होंने सोचा, लेकिन जब आया तो लगा कि यहां पर राजस्थानी खाने का बहुत स्कोप है। हमने सोचा राजस्थानी राजघराने के खाने का माहौल अगर हम लोगों को ‍दिला दें तो कुछ अलग होगा और इसी पर काम हुआ। जब लोग यहां आते हैं और तलवार, भाला व ढाल के बीच परम्परागत परिधान में सजे लोगों को देखते हैं तो वे बहुत प्रभावित होते हैं। बेहतर स्वाद देना हमारा कमिटमेंट है और हम उसमें पीछे नहीं रहते हैं।


राजस्थान से आते हैं मसाले

कुछ मसाले तो यहां मिल जाते हैं ‍लेकिन बहुत सारे मसाले राजस्थान से  आते हैं, ‍जिसमें कुंभढि़या, मटरिया, चेवडि़या आदि। इनको हम मंगा कर बनाते हैं जिससे बेहतर स्वाद आता है।


राजधानी में और खुलेंगी ब्रांच

रेस्त्रां के मालिक सुदीप रस्तोगी ने बताया ‍कि, बीबीडी विराज टावर के सामने खुले रेस्त्रां की सफलता के बाद अन्य ब्रांच भी खोला जाना हैं जो बहुत जल्द आकार ले लेंगे।

 

लजीज मेन्‍यू

  • वेलकम ड्रिंक-मसाला छाछ
  • स्‍पेशल- दाल बाटी चूरमा
  • तीन प्रकार के फरसान
  • चार प्रकार की सब्‍जी
  • तीन प्रकार की दाल कढ़ी
  • तीन तरह की रोटी
  • दो प्रकार की मिठाई
  • दो प्रकार के चावल
  • इसके अलावा सलाद, पापड़ और विभिन्‍न प्रकार की चटनियां भी परोसी जाती हैं।

 

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