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दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

आप बचपन से शायद ये बात सुनते आए होंगे कि अंकों में 13 नंबर को अशुभ या मनहूस समझा जाता है लेकिन क्या कभी आपने इसका कारण जानने की कोशिश की है? अगर आपको वाकयी 13 नंबर का रहस्य नहीं मालूम तो इसे जरूर जानना चाहिए। दरअसल, 13 नंबर को दुनियाभर में दुर्भाग्यपूर्ण या मनहूस संख्या के तौर पर देखा जाता है। इसलिए बहुत से लोग इस अंक का इस्तेमाल करने से भी कांपते हैं। यहां तक कि लोग इस अंक को अपनी जुबान से भी पुकारते। अब आप सोच रहे होंगे कि महज एक डिजिट ही तो है, तो फिर लोगों को इसे पुकारने में भी इतनी परेशानी कैसी...?

खासतौर से पश्चिमी देशों में आपको इसका अच्छा खासा डर देखने को मिलेगा। वहां के लोगों के बीच 13 नंबर का जैसा भय का माहौल नजर आएगा आपको शायद ही कहीं ओर ऐसा नजर आए। लेकिन जब आप उनके इस डर की वजह जान लेंगे तो शायद 13 नंबर से आप भी परहेज करने लग जाएंगे। हमारा उद्देश्य आपको डराना नहीं बल्कि 13 नंबर से जुड़े कुछ रहस्यमयी फैक्टर से आपको रूबरू कराना है। इसी वजह से दुनिया में ऐसा माहौल तैयार हो गया है कि लोगों ने इस अंक से ही दूरी बनाना शुरू कर दिया है। ये फैक्टर आपको वाकयी सोचने पर मजबूर कर सकता है। 

थर्टीन डिजिट फोबिया

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक 13 तारीख को इसलिए अशुभ माना जाता है क्योंकि एकबार यीशु मसीह के साथ एक ऐसे शख्स ने विश्वासघात किया था जो उन्ही के साथ रात्रिभोज कर रहा था। वह शख्स 13 नंबर की कुर्सी पर बैठा हुआ था। बस तभी से लोगों ने इस अंक को दुर्भाग्यपूर्ण समझ लिया और उसके बाद से इस नंबर से दूर भागने लगे। मनोविज्ञान ने 13 अंक के इस डर को ट्रिस्काइडेकाफोबिया या थर्टीन डिजिट फोबिया नाम दिया है। डर इस हद तक बढ़ गया कि इसकी वजह से लोगों ने 13 नंबर का इस्तेमाल करना ही बंद कर दिया।

विदेश में 13 नंबर का डर

अगर आप फॉरेन ट्रिप पर गए हो और आपको किसी होटल में ठहरते वक्त 13 नंबर का कोई रूम या किसी इमारत में 13वीं मंजिल न नजर आए तो समझ जाना होटल का मालिक 13 नंबर को अशुभ मानता है। आपको बहुत से लोग ऐसे भी दिख सकते हैं जो किसी होटल में 13 नंबर के रूम को लेना बिल्कुल पसंद नहीं करते। इसके अलावा आपको किसी बार या रेस्टोरेंट में 13 नंबर की खाने की टेबल नहीं दिखाई देगी। वहीं बात करें फ्रांस की तो यहां के लोगों का मानना है कि खाने की मेज पर 13 कुर्सियां होना अच्छा नहीं है।

भारत में 13 नंबर का असर

आपकी जानकारी के लिए बता दें 13 नंबर का यह डर न सिर्फ पश्चिमी देशों पर बल्कि भारत के लोगों पर भी सवार है। यहां भी बहुत से लोग इस अंक को अशुभ मानते हैं। आपको यह बात शायद ही मालूम हो कि सपनों के शहर कहे जाने वाले चंडीगढ़ देश का सबसे सुनियोजित शहर माना जाता है। यह पंडित जवाहरलाल नेहरू के सपनों का शहर हुआ करता था। लेकिन आप ये नहीं जानते होंगे कि इस सुनियोजित शहर में सेक्टर 13 नहीं है। दरअसल, इस शहर का नक्शा बनाने वाले आर्किटेक्ट ने 13 नंबर का सेक्टर ही नहीं बनाया। वह 13 नंबर को अशुभ मानता था। इस आर्किटेक्ट को इस शहर को डिजाइन करने के लिए विदेश से बुलवाया गया था।

अटल बिहारी वाजपेयी पर भी रहा 13 नंबर का असर

अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से भी 13 का गहरा संबंध रहा है। अगर आपको याद हो उनके प्रधानमंत्रित्व काल में उनकी सरकार पहली बार महज 13 दिन ही स्थिर रह सकी। इसके बाद फिर जब वाजपेयी के सामने दोबारा शपथ ग्रहण का मौका आया तो उन्होंने 13 तारीख को चुना। इसके बाद उनकी यह सरकार भी सिर्फ 13 महीने तक ही चली। पुन: वाजपेयी ने 13वीं लोकसभा के प्रधानमंत्री के रूप में, 13 दलों के सहयोग से 13 तारीख को ही शपथ ली, लेकिन फिर 13 को ही हार का सामना करना पड़ा। कई लोग इसे महज संयोग नहीं मानते।

घर लेते समय 13 नंबर की फिक्र

विदेशो में शुक्रवार की 13 तारीख को लोग अपने घरों से बाहर तक निकलना पसंद नहीं करते। और तो और यहां हॉस्टल या घर लेते समय लोग 13 नंबर लेने से बुरी तरह झिझकते हैं। उनके जेहन में इस बात का डर बैठा रहता है कि कहीं कुछ अशुभ न हो जाए। इसलिए वो कई बार अच्छी प्रॉपर्टी का सौदा तक छोड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं। अब आप इस खौफ को समझ सकते हैं। 

विद्धानों का मत

13 नंबर न्युमरोलॉजी के हिसाब से शुभ नहीं समझा जाता। इसकी वजह 12 नंबर को माना जाता है। दरअसल, न्युमरोलॉजी में 12 नंबर को पूर्णता का प्रतीक माना जाता है और इसमें एक और नंबर जोड़ना यानि बुरे भाग्य का प्रतीक माना जा सकता है। इसलिए 13 नंबर को अशुभ समझा जाता है। प्राचीन सभ्यताओं में भी बारह के साथ कई गणितीय व्यवस्थाएं बनाई गई हैं।

कैलेंडर भी बना 12 के हिसाब से

जैसे हमारे कैलेंडर में 12 महीने और दिन 12-12 घंटों के समय में बंटा हुआ है। परफेक्ट अंक का निकटतम पड़ोसी होने के बावजूद 13 एक अविभाज्य और अपरिमेय संख्या (जिसे दो संख्याओं के अनुपात में न दिखाया जा सके) है। इसलिए ऐसा कहा जाता है कि कम उपयोगी होने के कारण ही धीरे-धीरे इसे अशुभ समझा जाने लगा हो।

13 के अंक से खेलना शुरू करें

एक सच ये है कि आप 13 के अंक से खेलना शुरू करें और कुछ दृढ़ निश्चय एवं लक्ष्य रखकर, अंतिम क्षण तक संघर्ष करें, आपकी जीत सुनिश्चित है। इसलिए ज्यादातर लोगों का मानना है कि यह तथ्य मिथ्या है और इसमें कोई दम नहीं है। 13 नंबर के अशुभ होने को लेकर कई लोगो का कहना है कि ये सिर्फ अंधविश्वास है क्योंकि इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

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