Crowd Rucuks At Sapna Chaudhary Program in Begusaray of Bihar

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

संसार में अनेकों ऐसे रहस्य है जो की वैज्ञानिको, विद्वानों की लाख कोशिशों के बावजूद भी आज तक अनसुलझे हैं।

वॉयनिच मैन्युस्क्रिप्ट

पोलिश मूल के अमेरिकी पुरातात्त्विक पुस्तक विक्रेता, विल्फ्रिड एम वॉयनिच द्वारा 1912 में इसका अधिग्रहण किया गया  था। वॉयनिच मैन्युस्क्रिप्ट Voynich Manuscript पूरे 240 पन्नों की एक किताब है, जिसमें ऐसी भाषा व स्क्रिप्ट का इस्तेमाल किया गया है, जिसे शायद ही कोई पढ़ पाए। जैसा कि आप तस्वीर में देख रहे हैं, पूरी किताब इसी तरह रंग-बिरंगी कलाकृति व अजीबो-गरीब रेखाओं से भरी पड़ी है। पन्नों में जिस तरह के पौधों को बताया गया है, वैसा शायद ही इस धरती पर देखने को मिले।

अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर इस किताब को लिखने वाला कौन है। कार्बन डेटिंग की मदद से खुलासा हुआ है कि किताब 1404-1438 के बीच लिखी गई होगी। इसे दुनिया की सबसे रहस्यमयी हस्तलिखित ग्रंथ के तौर पर जाना जाता है। कुछ का मानना है कि इसे बतौर फार्माकोपिया तैयार किया गया होगा, ताकि मध्ययुगीन या आधुनिक चिकित्सीय विषयों के बारे में बताया जा सके।

क्रिप्टोज (Kryptos) 

क्रिप्टोज का मतलब रहस्यमयी ग्राफिया से है। ये अमेरिकी आर्टिस्ट जिम सनबोर्न द्वारा बनाया गई एक रहस्यमयी एन्क्रिप्टेड मूर्तिकला है। इसे वर्जीनिया के लैंग्ले वा स्थित सीआईए के हेडक्वार्टर के बाहर देखा जा सकता है। ये एक ऐसी रहस्यमयी पहेली है, जिसे सुलझाने के लिए कई माथापच्ची कर रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जिम के इस क्रिप्टोज के चार मैसेज में से तीन को क्रैक कर लिया गया है। वहीं, चौथा दुनिया का सबसे चर्चित अनसुलझी गुत्थी बन कर रह गया है।

फैस्टोस डिस्क (Phaistos Disc) 

फैस्टोस डिस्क के रहस्य की कहानी, हू-ब-हू हॉलीवुड मूवी इंडियाना जोन्स की तरह लगती है। इसे इतालवी पुरातत्वविद लुइगी पर्नियर द्वारा 1908 में खोजा गया था। ये डिस्क पकी हुई मिट्टी से बनी है, जिसमें कई रहस्यमयी चिह्न बने हुए हैं। ये चिन्ह अज्ञात हेरोग्लिफिक्स (hieroglyphics) का प्रतिनिधित्व करते हैं। हेरोग्लिफिक्स एक तरह की चित्र लिपि होती है।

ऐसा माना जाता है कि फैस्टोस डिस्क को दूसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व में डिजाइन किया गया था। वहीं, कुछ विद्वानों का मानना है कि ये होरेग्लिफिक्स लीनियर ए और लीनियर बी प्रतीक को दर्शाते हैं। इस तरह की भाषा प्राचीन काल में इस्तेमाल की जाती थी। आज ये डिस्क पुरातत्वविदों के बीच सबसे चर्चित पहेली बनी हुई है।

शगबोरोह इंस्क्रिप्शन 

स्टेफॉर्डशायर स्थित 18वीं सदी का यह स्मारक दूर से देखने पर निकोलस पाउसिन Poussin की चर्चित पेंटिंग "आर्केडियन शेफर्डस" की तरह लगता है। लेकिन जब इसे नजदीक से देखेंगे, तो पाएंगे कि कलाकृति पर पत्र DOUOSVAVVM का एक जिज्ञासु अनुक्रम दिखाई देगा। DOUOSVAVVM एक प्रकार का कोड है, जिसे 250 से अधिक साल बीत गए, लेकिन अब तक कोई इसे क्रैक नहीं कर पाया है। आपको बता दें कि दुनिया के कई बड़े विद्वानों ने इसे क्रैक करने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। इनमें चार्ल्स डिकेन्स और चार्ल्स डारविन जैसी बड़ी शख्सियत तक शामिल है।

तमम शड केस (Tamam Shud case) 

इस प्रकरण को ऑस्ट्रेलिया के सबसे गहरे रहस्यों में माना जाता है। तमम शड प्रकरण, दिसंबर 1948 में एडिलेड में सोमर्टन समुद्री तट पर मृत पाए गए एक अज्ञात शख्स से जुड़ा हुआ है। मृतक की शिनाख्त कभी नहीं हो पाने के तथ्य से परे वो कागज का टुकड़ा अनसुलझी पहेली बन गया, जिसमें "तमम शड" शब्द का जिक्र था।

एडिलेड पुलिस को कागज का ये टुकड़ा, मृतक की जेब से मिला था। शब्द का जब अनुवाद किया गया, तो पता चला कि इसका मतलब "अंत" होता है। इस शब्द का इस्तेमाल उमर खय्याम की कविता "रूबाइयत" में किया गया है। ये रहस्य तब और गहरा गया, जब खय्याम की एक कलेक्शन में हाथ से लिखा एक कोड मिला। माना जाता है कि मरने से पहले उस शख्स ने ही कागज के इस टुकड़े को किताबों में दबाया होगा।

 

 

 

 

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement