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दि राइजिंग न्यूज़

खेल डेस्क

संसार में अनेकों ऐसे रहस्य है जो की वैज्ञानिको, विद्वानों की लाख कोशिशों के बावजूद भी आज तक अनसुलझे है। दुनिया में ऐसे कई रहस्य हैं, जिनसे अब तक पर्दा नहीं उठ पाया है। इन अबूझ रहस्यों पर लंबे अरसे से चर्चा होती रही है, लेकिन ये अब तक हल नहीं हो पाये है। 

क्रिप्टोज

क्रिप्टोज का मतलब रहस्यमयी ग्राफिया से है। ये अमेरिकी आर्टिस्ट जिम सनबोर्न द्वारा बनाया गई एक रहस्यमयी एन्क्रिप्टेड मूर्तिकला है। इसे वर्जीनिया के लैंग्ले वा स्थित सीआईए के हेडक्वार्टर के बाहर देखा जा सकता है। ये एक ऐसी रहस्यमयी पहेली है, जिसे सुलझाने के लिए कई माथापच्ची कर रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जिम के इस क्रिप्टोज के चार मैसेज में से तीन को क्रैक कर लिया गया है। वहीं, चौथा दुनिया का सबसे चर्चित अनसुलझी गुत्थी बन कर रह गया है।

शगबोरोह इंस्क्रिप्शन 

स्टेफॉर्डशायर स्थित 18वीं सदी का यह स्मारक दूर से देखने पर निकोलस पाउसिन Poussin की चर्चित पेंटिंग “आर्केडियन शेफर्डस” की तरह लगता है। लेकिन जब इसे नजदीक से देखेंगे, तो पाएंगे कि कलाकृति पर पत्र DOUOSVAVVM का एक जिज्ञासु अनुक्रम दिखाई देगा। DOUOSVAVVM एक प्रकार का कोड है, जिसे 250 से अधिक साल बीत गए, लेकिन अब तक कोई इसे क्रैक नहीं कर पाया है। आपको बता दें कि दुनिया के कई बड़े विद्वानों ने इसे क्रैक करने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। इनमें चार्ल्स डिकेन्स और चार्ल्स डारविन जैसी बड़ी शख्सियत तक शामिल है।

वाउ सिग्नल 

1977 में गर्मी के दिनों की बात है। सर्च फॉर एक्सट्राटेरेस्ट्रियल इंटेलिजेंस (एसईटीआई) के वॉलेंटियर जेरी एहमन ऐसे पहले शख्स बने, जिन्हें दूसरी दुनिया यानी एलियन की ओर से जानबूझकर भेजा गया संदेश प्राप्त हुआ। एहमन तब अंतरिक्ष की गहराइयों से आ रहे रेडियो सिग्नल्स को स्कैन कर रहे थे। उन्हें ये सिग्नल 72 सेकंड तक प्राप्त हुए। उन्होंने जब मेजरमेंट स्पाइक देखा, तो उन्हें लगा कि ये किसी विद्वान एलियन की ओर से भेजा गया संदेश था।

जब मामले की गहराई में छानबीन की गई, तो पता चला की सिग्नल अंतरिक्ष के ताउ सैगिटैरी तारे के पास से आई थी। आपको बता दें कि ये तारा 120 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है, जहां दूर-दूर तक किसी भी मानव के होने की गुंजाइश नहीं है। एहमन ने सिग्नल के प्रिंट आउट पर वाउ लिख दिया, तब से ही इसे वाउ सिग्नल कहा जाने लगा। हालांकि, इस तरह के सिग्नल कभी दोबारा नहीं मिले।

बुर्काधारी औरत 

यह मिस्ट्री जुडी है अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की हत्या से। जब FBI जॉन एफ कैनेडी की हत्या के सिलसिले में एक वीडियो देख रही थी तो उन्हें वीडियो में एक महिला नज़र आई जिसने अपने सर पर कपडा बांध रखा था तथा वो कैमरे से वीडियो शट कर रही थी।  वो वह पर काफी समय तक रहती है यहां तक की सब लोगो के चले जाने के बाद भी। आखिर में वो एक गली में चल जाती है। FBI ने जब उस महिला का पता लगाने की कोशिश की तो वो उसका पता नहीं लगा पाये। आखिर में हार कर उन्होंने उस महिला से अपील की, कि वो उसके द्वारा शूट वीडियो उन तक पहुंचा दे ताकि केस में कुछ सहायता मिल सके।पर उस महिला ने ऐसा भी नहीं किया और आज तक भी उस बुर्काधारी महिला का पता नहीं लग पाया है की आखिर वो कौन थी और उसने क्या वीडियो शूट किया था।  यह केस FBI की बड़ी विफलताओं में से एक है।

30 करोड़ साल पुराना लोहे का पेंच 

1998 में रूसी वैज्ञानिक दक्षिण-पश्चिम मॉस्को से करीब 300 किलोमीटर दूर एक उल्का के अवशेष की जांच कर रहे थे। इस दौरान उन्हें एक पत्थर का टुकड़ा मिला, जिसमें लोहे का पेंच संलग्न था। भूवैज्ञानिकों के मुताबिक, ये पत्थर 300 मिलियन (30 करोड़) साल पुराना है। तब न तो कोई प्रबुद्ध प्रजाति हुआ करती थी और न ही धरती पर डायनासोर हुआ करते थे। पत्थर के बीच लोहे का पेंच साफ दिखाई पड़ता है। इसकी लंबाई एक सेंटीमीटर और व्यास तीन मिलीमीटर है।

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