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दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

 

भानगढ़ का किला

राजस्थान के अनवर जिले में स्थित भानगढ़ के खौफनाक किले के बारे में शायद ही कोई होगा, जिसने न सुना हो। भानगढ़ का किला दुनिया के सबसे डरावनी जगहों में से एक है। ऐसा माना जाता है कि यहां रात में रुकने वाला सुबह तक जिन्दा नहीं रहता। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने भी रात में यहां जाने पर पाबन्दी लगा रखी है। इश्क़ में बर्बाद हुआ यह किला आज भी लोगों के लिए रहस्य बना हुआ है।

शापित गांव-कुलधरा

एक समय में राजस्थान के जैसलमेर जिले के कुलधरा गांव में सैकड़ो लोग रहते थे। लेकिन एक रात को गांव के लोग एकदम से गायब हो गए। सब कुछ जैसे का तैसा छोड़कर सब लोग गांव गायब हो गए, ये आजतक रहस्य है। लोग यहां सोने की तलाश में आते हैं। लोगों का मानना है गांव की सुरंगों में सोना छिपा हुआ है। इस गांव में रात में सैलानियों का जाना शख्त मना है। ऐसा माना जाता है कि गांव छोड़ते वक्त ग्रामीणों ने श्राप दिया था कि उनके बाद इस गांव में कोई नहीं बस पायेगा।

रंग महल

उत्तर प्रदेश के वृन्दावन में स्थित यह मंदिर आज भी अपने में कई रहस्य समेटे हुए हैं। माना जाता है कि आज भी निधिवन में रास रचाने के बाद भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराधा रंग महल में विश्राम करते हैं। मंदिर में प्रतिदिन अंधेरा होने से पहले माखन मिश्री का प्रसाद रखा जाता है और सोने का एक पलंग लगाया जाता है। रात होते ही मंदिर के दरवाजे अपने आप बंद हो जाते हैं और सुबह बिस्तर देखने पर ऐसा लगता है जैसे कोई रात में यहां सोया हो, साथ ही उसने रखे गए प्रसाद को भी ग्रहण किया हो। मान्यता है कि रात में मंदिर में रुकने वाले किसी भी प्राणी की मृत्यु हो जाती है। यह मंदिर आज भी लोगों के बीच एक रहस्य बना हुआ है।

अश्वत्थामा

पौराणिक मान्यता के अनुसार अश्वत्थामा ने अपने पिता द्रोणाचार्य की मौत का बदला लेने के लिए अभिमन्यु के पुत्र परीक्षित पर ब्रह्मास्त्र चलाया था। लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने परीक्षित की रक्षा की और अश्वत्थामा को युगों-युगों तक भटकने का श्राप दिया। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर शहर के पास एक पहाड़ी पर बने असीरगढ़ के किले के आस-पास आज भी अश्वत्थामा को देखने का दावा करते हैं। लोगों का कहना है कि आज तक जिसने भी अश्वत्थामा को देखा है वह बीमार हो गया। कहते हैं कि असीरगढ़ के किले में बने शिव मंदिर में आज भी अश्वत्थामा पूजा करने आते हैं।

यमद्वार

तिब्बत में स्थित यमद्वार भी उन रहस्मयी जगहों में से एक है, जहां रात में रुकने पर मृत्यु हो जाती है। तिब्बती लोग इसे चोरटेन कांग नग्यी नाम से बुलाते हैं, जिसका मतलब है दो पैरों वाला स्तूप। कैलाश पर्वत के रास्ते में पड़ने वाली इस जगह को यमराज के घर का द्वार माना जाता है। इस जगह के निर्माण के बारे में आज तक कोई प्रमाण नहीं मिले हैं।

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