Actress Sunny Leone Will Be in Hollywood Wale Nakhre Song

दि राइजिंग न्‍यूज

आउटपुट डेस्‍क।

गीजा के ग्रेट पिरामिड ने बुद्धकालीन यूनानी इतिहासकार हेरोडोटस को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर किया था, और आज भी इससे जुड़ी रिसर्च हमें चकित कर जाती हैं। इसका निर्माण मिस्र के प्राचीन सम्राट खुफू और उनकी महारानी के स्मारक के तौर पर ई.पू. 2280 से ई.पू. 2260 के बीच यानी सिंधु घाटी की सभ्यता की शुरुआत से भी पहले हुआ था। इसके भीतर क्या-क्या राज छिपे हैं, इसका पता लगाने का काम आज भी जारी है। अभी तक इसमें मौजूद तीन पूरी और एक अधूरी संरचना की जानकारी दुनिया को थी, लेकिन अभी तीन अत्याधुनिक तकनीकों से इसकी पांचवीं संरचना का पता चला है। 

यह क्या है, जानने में शायद कुछ साल और लगें। तीन पूरी संरचनाएं हैं राजा का कक्ष, रानी का कक्ष और इन्हें जोड़ने वाला ढलवां गलियारा। जबकि अधूरी संरचना जमीन के नीचे चट्टान काटकर बनाया गया एक कक्ष है, जिसकी फिनिशिंग नहीं की गई थी। अभी खोजी गई पांचवीं संरचना गलियारे के समानांतर, लंबाई में इससे जरा कम और चौड़ाई-ऊंचाई में इसके जैसी ही है। 



अभी डेढ़ सौ साल पहले तक यह पिरामिड संसार का सबसे ऊंचा मानव-निर्मित ढांचा हुआ करता था। अपने मूल रूप में 755.9 फुट भुजा वाले वर्ग पर बने 480.6 फुट ऊंचे इस पिरामिड के आधार की चौहद्दी का अनुपात इसकी ऊंचाई से वही हुआ करता था, जो किसी भी वृत्त की परिधि और तृज्या का हुआ करता है। वास्तुशिल्प की दृष्टि से यह खुद में एक चमत्कार है। 

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement