Home mysterious news Signs Of Rain Given By This Temple Seven Days Before

चित्रकूट में डकैत बबली कोल के साथ मुठभेड़ में एक सब इंस्पेक्टर शहीद

तमिलनाडु: NEET में सुधार को लेकर चेन्नई में डीएमके का प्रदर्शन

सुप्रीम कोर्ट का फैसला- निजता है मौलिक अधिकार

निजता पर SC के फैसले को कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने बताया आजादी की बड़ी जीत

पंजाब रोडवेज ने हरियाणा जाने वाली अपनी सभी बसों के रूट रद्द किए

Trending :   #Hot_Photoshot   #Sports   #Politics   #Hollywood   #Bollywood

बारिश की जानकारी सात दिन पहले दे देता है यह मंदिर

     
  
  rising news official whatsapp number

signs of rain given by this temple seven days before

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।


भारत दुनिया का एक ऐसा देश है जो आश्चर्यो से भरा हुआ है। इस देश के हर राज्य में हर शहर के कोने-कोने में कोई न कोई अदुभुत जगह मौजूद है। ऐसी ही एक जगह है उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर जो की अपनी एक अनोखी विशेषता के कारण बहुत प्रसिद्ध है। इस मंदिर की विशेषता यह है की यह मंदिर बारिश होने की सुचना सात दिन पहले ही दे देता है। इस बात पर यकीन करना थोडा मुश्किल है, लेकिन यहां के लोगों की यही मान्यता सदियों से चलती चली आ रही है।


आपको जानकारी दे दें कि यह मंदिर भगवान जगन्नाथ के नाम पर स्थापित है और यह कानपुर जनपद के भीतरगांव विकासखंड मुख्यालय से तीन किलोमीटर पर बेंहटा गांव में स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर की खासियत यह है कि बरसात से सात  दिन पहले इसकी छत से बारिश की कुछ बूंदे अपने आप ही टपकने लगती हैं।


हालांकि इस रहस्य को जानने के लिए कई बार प्रयास हो चुके हैं पर तमाम सर्वेक्षणों के बाद भी मंदिर के निर्माण तथा रहस्य का सही समय पुरातत्व, वैज्ञानिक पता नहीं लगा पायें हैं। बस इतना ही पता लग पाया कि मंदिर का अंतिम जीर्णोद्धार 11 वीं सदी में हुआ था। उसके पहले कब और कितने जीर्णोद्धार हुए या इसका निर्माण किसने कराया जैसी जानकारियां आज भी अबूझ पहेली बनी हुई हैं, लेकिन बारिश की जानकारी पहले पता लगने से किसानों को जरूर सहायता मिलती है।


इस मन्दिर में भगवान जगन्नाथ, बलदाऊ और बहन सुभद्रा की काले चिकने पत्थर की मूर्तियां स्थापित हैं। वहीं सूर्य और पदमनाभम भगवान की भी मूर्तियां हैं। मंदिर की दीवारें 14 फीट मोटी हैं। वर्तमान में मंदिर पुरातत्व विभाग के अधीन है। मंदिर से वैसी ही रथ यात्रा निकलती है जैसी पुरी उड़ीसा के जगन्नाथ मंदिर से निकलती है।


मौसमी बारिश के समय मानसून आने के एक सप्ताह पूर्व ही मंदिर के गर्भ ग्रह के छत में लगे मानसूनी पत्थर से उसी घनत्वाकार की बूंदें टपकने लगती हैं, जिस तरह की बरसात होने वाली होती है। जैसे ही बारिश शुरू होती है वैसे ही पत्थर सूख जाता है।


मंदिर के पुजारी दिनेश शुक्ल ने बताया कि कई बार पुरातत्व विभाग और आईआईटी के वैज्ञानिक आए और जांच की। न तो मंदिर के वास्तविक निर्माण का समय जान पाए और न ही बारिश से पहले पानी टपकने की पहेली सुलझा पाए हैं। हालांकि मंदिर का आकार बौद्ध मठ जैसा है। जिसके कारण कुछ लोगों की मान्यता है कि इसको सम्राट अशोक ने बनवाया होगा, परन्तु मंदिर के बाहर बने मोर और चक्र की आकृति से कुछ लोग इसको सम्राट हर्षबर्धन से जोड़ कर देखते हैं।


यह भी पढ़ें

फिलीपीन: कसीनो में गोलीबारी, 34 की मौत 

एकेटीयू के भ्रष्टाचारियों की कॉलर ऊंची करेंगे मोदी

एंकर के सवाल पर जोर से हंस दिए मोदी

..तो ऐसे हुआ था काबुल पर अटैक 

यूएस ने मार गिराया नॉर्थ कोरिया का मिसाइल

इन दिग्गजों ने किया भारतीय कोच के लिए अप्लाई

दिशा पटानी ने करवाया बोल्ड फोटोशूट



जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

संबंधित खबरें

HTML Comment Box is loading comments...

 


Content is loading...



What-Should-our-Attitude-be-Towards-China


Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll



Photo Gallery
धार्मिक आस्था- सर्प का दुग्धाभिषेक | फोटो- कुलदीप सिंह

Flicker News


Most read news

 



Most read news


Most read news


खबर आपके शहर की