Akshay Kumar Appears for Fund Collection for Pulwama Attack Martyr Families

दि राइजिंग न्यूज़

आउटपुट डेस्क।

 

सन 1800 में थॉमस ओटो और उनका परिवार फ्लोरिडा के एक घर में रहने आया। उनका एक बेटा था जिसका नाम रोबर्ट था। अपने बेटे के देखभाल के लिए उन्होंने एक महिला को रखा था। एक दिन श्रीमती ओटो ने उस महिला को अपने घर के पिछले आंगन में काला जादू करते देख लिया और उसे घर और नौकरी दोनों से निकाल दिया। घर छोड़ने से पहले उस महिला ने रोबर्ट को एक गुड़िया दी थी जो 3 फ़ीट लंबी थी। उसके आंखों में बटन थे और उसके बाल किसी इंसान के थे।

रोबर्ट ने उस गुड़िया को अपना ही नाम रोबर्ट दिया। रोबर्ट उस गुड़िया को अपने साथ बाजार ले जाता, अपने साथ डाइनिंग टेबल में बिठाता और अपने साथ बिस्तर में भी सुलाता था। जल्द ही इनका रिश्ता अजीब रूप लेने वाला था। रोबर्ट के माता-पिता ने कई बार रोबर्ट को उस गुड़िया से बात करते हुए देखा। खिलौने और घर के कुछ सामान इधर उधर बिखरे पड़े रहते थे। रोबर्ट के माता-पिता को लगता था की ये सब उनके बेटे ने किया है, इसलिए वे लोग उसे डांटते थे। पर उनका बेटा हमेशा कहता था की ये सब रोबर्ट गुड़िया ने किया है। कहा जाता था की रोबर्ट गुड़िया रात को उठता था और सामान को बिखेर देता था, अपनी जगह बदलता था, और कुछ आवाज़े भी निकलता था।

ओटो के कुछ रिश्तेदारों के कहने पर उसके माता पिता ने रोबर्ट गुड़िया को एक बॉक्स में बंद कर के अटारी में रख दिया। ये गुड़िया कुछ सालों तक वहीँ रही। धीरे धीरे रोबर्ट बड़ा हुआ और उसकी शादी हो गयी। रोबर्ट अपने जगह का एक जाना माना कलाकार बन गया था। रोबर्ट उस गुड़िया को अटारी से फिर बहार ले आया और फिर से पहले जैसा शुरू हो गया। रोबर्ट की पत्नी को वो गुड़िया पसंद नहीं थी, जिसकी वजह से रोबर्ट और उनके बीच के रिश्ते में खटास आने लगी। रोबर्ट की पत्नी उस गुड़िया को फिर से एक बॉक्स में बंद कर के अटारी में रख देती है। जल्द ही उनकी पत्नी पागल हो जाती है और किसी कारण से उनकी मौत हो जाती है। इसके कुछ दिनों बाद रोबर्ट की भी मौत हो जाती है।

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