Home Mysterious News Facts Of Kashi Vishwanath Temple

BJP और खुद PM भी राहुल गांधी का मुकाबला करने में असमर्थ: गुलाम नबी आजाद

जायरा वसीम छेड़छाड़ केस: आरोपी 13 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में

J-K: शोपियां में केश वैन पर आतंकी हमला, 2 सुरक्षाकर्मी घायल

महाराष्ट्र: ठाने के भीम नगर इलाके में सिलेंडर फटने से लगी आग

गुजरात: दूसरे चरण के चुनाव के लिए प्रचार का कल आखिरी दिन

तो ऐसा रहस्यमयी है काशी का विश्वनाथ मंदिर

Mysterious News | 03-Jun-2017 | Posted by - Admin

   
facts of kashi vishwanath temple

दि राइजिंग न्यूज

आउटपुट डेस्क।


काशी यानी बनारस को भगवान शिव की सबसे प्रिय नगरी के रूप में पूजा जाता है। इस बात का वर्णन कई पुराणों और ग्रंथों में भी किया गया हैं। काशी में ही भगवान शिव का प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग, काशी विश्वनाथ स्तिथ है। यहां वाम रूप में स्थापित बाबा विश्वनाथ शक्ति की देवी मां भगवती के साथ विराजते हैं। ऐसा दुनिया में कहीं और देखने को नहीं मिलता है। आइए जानते है काशी विश्वनाथ मंदिर से जुडी रोचक और अनसुनी बातें।


काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग दो भागों में है। दाहिने भाग में शक्ति के रूप में मां भगवती विराजमान हैं। दूसरी ओर भगवान शिव वाम रूप (सुंदर) रूप में विराजमान हैं। इसीलिए काशी को मुक्ति क्षेत्र कहा जाता है।


देवी भगवती के दाहिनी ओर विराजमान होने से मुक्ति का मार्ग केवल काशी में ही खुलता है। यहां मनुष्य को मुक्ति मिलती है और सीधे मोक्ष्य की प्राप्ति होती है। भगवान शिव खुद यहां तारक मंत्र देकर लोगों को तारते हैं। अकाल मृत्यु से मरा मनुष्य बिना शिव अराधना के मुक्ति नहीं पा सकता।


श्रृंगार के समय सारी मूर्तियां पश्चिम मुखी होती हैं। इस ज्योतिर्लिंग में शिव और शक्ति दोनों साथ ही विराजते हैं, जो अद्भुत है। ऐसा दुनिया में कहीं और देखने को नहीं मिलता है।


विश्वनाथ दरबार में गर्भ गृह का शिखर है। इसमें ऊपर की ओर गुंबद श्री यंत्र से मंडित है। तांत्रिक सिद्धि के लिए ये उपयुक्त स्थान है। इसे श्री यंत्र-तंत्र साधना के लिए प्रमुख माना जाता है।


 

बाबा विश्वनाथ के दरबार में तंत्र की दृष्टि से चार प्रमुख द्वार इस प्रकार हैं 

  • शांति द्वा 
  • कला द्वार
  • प्रतिष्ठा द्वार
  • निवृत्ति द्वार


इन चारों द्वारों का तंत्र में अलग ही स्थान है। पूरी दुनिया में ऐसा कोई जगह नहीं है जहां शिवशक्ति एक साथ विराजमान हों और तंत्र द्वार भी हो।


बाबा का ज्योतिर्लिंग गर्भगृह में ईशान कोण में मौजूद है। इस कोण का मतलब होता है, संपूर्ण विद्या और हर कला से परिपूर्ण दरबार। तंत्र की 10 महा विद्याओं का अद्भुत दरबार, जहां भगवान शंकर का नाम ही ईशान है।

 

मंदिर का मुख्य द्वार दक्षिण मुख पर है और बाबा विश्वनाथ का मुख अघोर की ओर है। इससे मंदिर का मुख्य द्वार दक्षिण से उत्तर की ओर प्रवेश करता है। इसीलिए सबसे पहले बाबा के अघोर रूप का दर्शन होता है। यहां से प्रवेश करते ही पूर्व कृत पाप-ताप विनष्ट हो जाते हैं।


भौगोलिक दृष्टि से बाबा को त्रिकंटक विराजते यानि त्रिशूल पर विराजमान माना जाता है। मैदागिन क्षेत्र जहां कभी मंदाकिनी नदी और गौदोलिया क्षेत्र जहां गोदावरी नदी बहती थी। इन दोनों के बीच में ज्ञानवापी में बाबा स्वयं विराजते हैं। मैदागिन-गौदौलिया के बीच में ज्ञानवापी से नीचे है, जो त्रिशूल की तरह ग्राफ पर बनता है। इसीलिए कहा जाता है कि काशी में कभी प्रलय नहीं आ सकता।


बाबा विश्वनाथ काशी में गुरु और राजा के रूप में विराजमान है। वह दिनभर गुरु रूप में काशी में भ्रमण करते हैं। रात्रि नौ बजे जब बाबा का श्रृंगार आरती किया जाता है तो वह राज वेश में होते हैं। इसीलिए शिव को राजराजेश्वर भी कहते हैं।


बाबा विश्वनाथ और मां भगवती काशी में प्रतिज्ञाबद्ध हैं। मां भगवती अन्नपूर्णा के रूप में हर काशी में रहने वालों को पेट भरती हैं। वहीं, बाबा मृत्यु के पश्चात तारक मंत्र देकर मुक्ति प्रदान करते हैं। बाबा को इसीलिए ताड़केश्वर भी कहते हैं।


यह भी पढ़ें

फिलीपीन: कसीनो में गोलीबारी, 34 की मौत 

एकेटीयू के भ्रष्टाचारियों की कॉलर ऊंची करेंगे मोदी

एंकर के सवाल पर जोर से हंस दिए मोदी

..तो ऐसे हुआ था काबुल पर अटैक 

यूएस ने मार गिराया नॉर्थ कोरिया का मिसाइल

इन दिग्गजों ने किया भारतीय कोच के लिए अप्लाई

दिशा पटानी ने करवाया बोल्ड फोटोशूट

आखिर क्या हुआ था शाहरुख खान के साथ, जानिये आप भी 

"जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555








TraffBoost.NET

Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll





Flicker News

Most read news

 


Most read news


Most read news




sex education news