काले धन और भ्रष्टाचार पर हमारी कार्रवाई से कांग्रेस असहज: अरुण जेटली

मुंबई के पृथ्वी शॉ बने दिलीप ट्रॉफी फाइनल में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी

दिल्ली में बीजेपी कार्यकारिणी की बैठक संपन्न हुई

31 अक्टूबर को रन फॉर यूनिटी का आयोजन होगा: अरुण जेटली

एक निजी संस्था ने हनीप्रीत का सुराग देने वाले को 5 लाख का इनाम देने की घोषणा की

Trending :   #Hot_Photoshot   #Sports   #Politics   #Hollywood   #Bollywood

मायावती को जनता जवाब देगी : दयाशंकर

     
  
  rising news official whatsapp number

  • मायावती बड़ी नेता हैं लेकिन उनका मन बहुत छोटा
  • पूर्व भाजपा नेता ने कहा, भाजपा का हूं भाजपा में ही रहूंगा


दि राइजिंग न्‍यूज

राजनीति में गाली-गलौज वाले युग का सूत्रपात करने के कारण भाजपा से निष्कासित उत्तर प्रदेश इकाई के पूर्व उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह खुद की गलती स्‍वीकारते हुए अपनी बहन बेटी के लिए बसपा नेताओं द्वारा की टिप्‍पणी और उसके बाद बसपा प्रमुख मायावती द्वारा अपने कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई नहीं किए जाने से आहत हैं। वह कहते हैं कि बसपा मुखिया मायावती सर्वजन हितायसर्वजन सुखाय के नाम पर ढोंग करती हैं। दयाशंकर भाजपा से निष्‍कासित किए जाने से काफी दुखी भी हैं। कहते हैं कि, भाजपा में था भाजपा में हूं और (निकालने के बाद) भाजपा में ही रहूंगा। हमारा तो ठिकाना ही भगवा है। छात्रनेता काल से पार्टी से जुड़ा हूं। अब कहीं और नहीं जाना है। वैसे भी मेरे जेल जाने के बाद पार्टी ने अपरोक्ष रूप से मेरी और मेरे परिवार की बहुत सहायता की है। परिवार को सहारा दिया है। मेरे लिए आंदोलन किया है, भले ही अपरोक्ष तरीके से किया गया हो। दयाशंकर ने भाजपा के बहुत सारे लोगों पर अपरोक्ष हमला किया जो उनके विवाद से बहुत खुश हैं कि एक पोस्‍ट खाली हो गई। उन्‍होंने गाली कांड और दूसरे तमाम मामलों से जुड़े ऐसे ही तमाम पहलुओं पर बेबाकी से अपनी राय रखी।

 

क्‍या आप को नहीं लगता कि मायावती पर अभद्र टिप्‍पणी कर भारी गलती की?

 

मायावती सर्वजन की बात करती हैं  और उनके नेता मेरी पत्नी और बेटी के खिलाफ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैंजिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हांमुझसे गलती हुई। मुझे मायावती के खिलाफ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था। मैने माफी भी मांगीउन्‍होंने क्‍या किया?

 

लेकिन आपने अपशब्दों (वेश्‍या) का प्रयोग पहले किया बसपा की प्रतक्रिया बाद में आई


हां, मेरा इरादा गलत नहीं था। मैं तुलनात्‍मक शब्‍दों का प्रयोग कर रहा था। हमारे बलिया में मुहावरों को इसी तरह से प्रस्‍तुत किया जाता है। मेरा मकसद उनको यह साबित करने का था कि वे धन की लालची महिला हैं। धन के लिए वे कुछ भी कर सकती हैं। मेरे शब्‍दों को गलत तरीके से उछाला गया। कुछ मेरे ही विरोधियों ने सोशल मीडिया के माध्‍यम से मामले को उठाया जो कि, मीडिया के एक वर्ग ने गलत तरीके से इस्‍तेमाल किया।

 

अब आप की बसपा प्रमुख मायावती से क्‍या अपेक्षा है ?

 

मायावती बड़ी नेता हैं। उन्हें अपना दिल भी बड़ा रखना चाहिए। उन्होंने कहाइस प्रकरण के सामने आने के बाद मैंने तुरंत माफी मांग ली थी। इस मुद्दे को वहीं खत्म कर देना चाहिए थालेकिन उनके नेताओं व कार्यकतार्ओं ने दो कदम आगे जाकर मेरी पत्नी और बेटी के लिए अपमाजनक शब्दों का प्रयोग किया।

 

आरोप है कि मायावती पर ऐसी टिप्‍पणी कर आप हल्‍की लोकप्रियता बटोरना चाह रहे थेइसमें कितनी सच्‍चाई है ?

 

देखिएसही मायने में मायावती उप्र में अपना वजूद बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। मेरे अलावा उनके पास कोई मुद्दा नहीं है। इसीलिए वह इस मामले को लंबा खींचने का प्रयास कर रही हैं। वह इस मुद्दे पर राजनीति करना चाहती हैं। मायावती जिन शब्दों को लेकर मेरे ऊपर हमला कर रही हैंवही शब्द उनकी पार्टी के नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मेरी पत्नी और बेटी के लिए कहे। वह अपने नेता के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहीं। उप्र में सैकड़ों दलित महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहा है। कितनी बार सड़कों पर उतरी हैंवह दलितों को सिर्फ वोट के लिए भुनाना चाहती हैं। मायावती के ऊपर उनके ही संगी साथी स्‍वामी प्रसाद मौर्य और आर के चौधरी न मुझसे भी गलत तरीके से हमला किया। लेकिन उनकी बात को संज्ञान में नहीं लिया गया। उनके अपने ही लोगों ने उन पर लालची होने का आरोप लगाया है।

 

आपने पत्नी स्वाती सिंह के खिलाफ मायावती को चुनाव लड़ने की चुनौती क्यों दीआप उन्‍हें कैसे मात दे पाएंगे?

 

मायावती हमेशा कहती हैं कि वह सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय की बात करती हैं। मैंने तो यही कहा है कि उप्र में 403 विधानसभा सीटों में से कोई भी सामान्य सीट चुन लें और वहां स्वाती सिंह उनके खिलाफ चुनाव लड़ेंगी। अगर सर्वसमाज वाकई में उन्हें पसंद करता है तो उनकी स्वीकार्यता का भी पता चल जाएगा।

 

वर्षों काम करने के बाद भाजपा ने आप को पल भर में निकाल बाहर कियावापसी की संभावना दिख रही है?


भावुक होकर कहामैं विधायक या सांसद बनने के लिए भाजपा में शामिल नहीं हुआ था। मुझे उसकी विचारधारा से लगाव थाइसीलिए मैं जुड़ा था। 23 वर्षो की तपस्या की वजह से मैं पार्टी में कई अहम पदों पर रहा। अगर पार्टी मेरी वापसी पर विचार करती हैतो यह खुशी की बात होगी।

 

आगे की क्‍या रणनीति है?

 

राजनीति का चयन समाज सेवा के लिए किया था। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में काम करता रहूंगा। मुझे विश्‍वास है कि जनता मेरा साथ देगी।


ज्ञात हो कि दयाशंकर सिंह ने मायावती के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थीजिसके बाद भाजपा ने उन्हें छह वर्ष के लिए पार्टी से बाहर कर दिया था। वहीं दूसरी ओर उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया गया और अब वह बाहर हैं। अदालत ने 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर उन्हें जमानत दे दी है।



जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

संबंधित खबरें

HTML Comment Box is loading comments...

 


Content is loading...



What-Should-our-Attitude-be-Towards-China


Rising Stroke caricature
The Rising News Public Poll



Photo Gallery
जय माता दी........नवरात्र के लिए मॉ दुर्गा की प्रतिमा को भव्‍य रूप देता कलाकार। फोटो - कुलदीप सिंह

Flicker News


Most read news

 



Most read news


Most read news


खबर आपके शहर की