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दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

कक्षा में बच्चों को पहले ग से गधा पढ़ाया जाता था और अब उसी कक्षा में बच्चे ग से गणेश पढ़ रहे हैं। यह पूर्ववर्ती सरकार और वर्तमान सरकार की सोच का अंतर है। यह केवल पढ़ाई नहीं है बल्कि इसके जरिए बच्चों को क्या दिया जा रहा है, इस हल्ला करने के बजाए पूर्ववर्ती सरकार और नेता प्रतिपक्ष को बेसिक स्कूलों में जाकर वहां अंतर को समझना चाहिए। विधानसभा सत्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिपक्ष एवं पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी को मंगलवार को सुबह जिस तरह से घेरा, विपक्ष का सारा जोश ठंडा पड़ गया। केवल इतना ही नहीं, अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष की जमकर खिंचाई की। उन्होंने कहा कि समाजवादी सोच ही इस तरह की हो गई है कि अच्छे की प्रशंसा कर नहीं सकते और गलत काम से अलग नहीं हो सकते। अब तो सरकार से इस तरह से आतंकित है कि बहुजन समाज पार्टी हो गई है। कौन किसके साथ है, इसका भेदकरना मुश्किल है।   

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के समाजवाद पर आज सबसे ज्यादा फिक्रमंद डा.राम मनोहर लोहिया हो रहे होंगे। उन्होंने सत्ता –संपत्ति से विरत समाजवाद की बात कही थी लेकिन अब समाजवाद सत्ता –संपत्ति के इर्द गिर्द ही सिमटा दिखाई देता है। सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्होंने समाजवादी पार्टी को अपराधों को प्रोत्साहित करने का आरोप लगाया। उन्होंने इशाऱों इशारों में आजमगढ़ –हरदोई में जहरीली शराब कांड के पीछे शामिल लोगों पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी स्कूलों में बच्चे एक यूनीफार्म नहीं पाते थे। लूट खसोट के चलते इस मद में मिलने वाला धन भी लैप्स हो जाता था। इस बार बच्चों को दो स्कूल यूनीफार्म मिली हैं। स्कूलों में छुट्टी कम हुई हैं और बच्चे देश और समाज में अपना योगदान करने वाले महापुरूषों की जीवन दर्शन को जान रहे हैं। इसके लिए सरकार एक अलग से पुस्तक भी जारी कर रही है।  

नेता प्रतिपत्र को मालूम हैं कौन हैं वनटांगिया

अपने भाषण के दौरान योगी आदित्यनाथने नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी पर कुछ ज्यादा ही प्रहार करते दिखे। उन्होंने कहा कि वनटांगिया बस्तियां क्या है और कौन लोग है,इसकी बावत नेता प्रतिपक्ष को ज्ञान तक नहीं है। हालांकि नेता प्रतिपक्ष ने यह मामला सालों पहले कांग्रेस द्वारा सदन में उठाए जाने की दलील दीं लेकिन मुख्यमंत्री ने उन्हें निशाने में रखा। उन्होंने कहा कि वनटांगिया वे लोग थे,जिन्हें 1905 में अंग्रेजों ने जंगलों के आसपास बसाया था। बाद में वन अधिनियम बनने के बाद इन बस्तियों को लावारिस छोड़ दिया है। पहली बार गोरखपुर में पांच, महाराज गंज में डेढ़ दर्जन तथा गोंडा आदि में इन बस्तियों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया जा रहा है। इस कार्ययोजना पर काम शुरु हो चुका है। यही नहीं, उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के दौरान वह नेता प्रतिपक्ष के क्षेत्र में  गए लेकिन नेता प्रतिपक्ष नहीं आए। वह समाजवादी है, इस कारण से शायद कोई अच्छा काम उन्हें रास नहीं आता है।

त्रिपुरा में लाल झंडा गायब, प्रदेश से लाल टोपी होगी गायब

अपने भाषण में उन्होंने विपक्ष और खासकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि त्रिपुरा में जिस से लाल झंडा गायब हुआ है। हालात यही रहें तो प्रदेश लाल टोपी (समाजवादी पार्टी) भी गायब हो जाएगी। प्रदेश की जनता बदलाव को महसूस कर रही है। किसान, गरीब- नौजवान सब सरकार के कामकाज से संतुष्ट हैं। सबका साथ सबका विकास का संकल्प पर काम हो रहा है।

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