Rajashree Production Declared New Project After Three Years of Prem Ratan Dhan Payo

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आउटपुट डेस्क।

केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने एक अहम फैसले में उन महिलाओं को राहत दी है, जो सरकारी नौकरी करने वाले पति की मौत के बाद दूसरी शादी कर लेती हैं। कैट ने कहा है कि ऐसी महिलाएं अपने पुनर्विवाह के बावजूद सरकार से मिल रही पहले पति की पारिवारिक पेंशन को लेते रहने की अधिकारी रहेंगी। कैट के प्रशासनिक सदस्य प्रवीण महाजन ने ये निर्णय देते हुए दिल्ली निवासी रेणु गुप्ता (47 वर्ष) की पेंशन को चार महीने के अंदर दोबारा शुरू करने के निर्देश रक्षा मंत्रालय को दिए।

 

रेणु के पति पवन कुमार गुप्ता अपने निधन के समय रक्षा मंत्रालय में नियुक्त थे। अपने निर्णय में कैट ने कहा, रेणु ने अपने पुनर्विवाह के बाद अपने पति की पेंशन को अपने बेटे के नाम स्थानांतरित करने का आग्रह किया था लेकिन उनके बेटे के 25 साल का होने पर यह पेंशन खत्म हो जाती। इसी कारण रेणु ने पेंशन को अपने नाम स्थानांतरित करने का आग्रह किया था। कैट ने कहा, पुनर्विवाह के बावजूद विधवा की पेंशन जारी रहने की व्यवस्था सरकार ने भी की हुई है।

नौकरी के साथ मिली थी पेंशन

रक्षा मंत्रालय ने रेणु गुप्ता को वर्ष 1998 में पवन के निधन के बाद मृतक आश्रित कोटे के तहत स्टोर कीपर की नौकरी दी थी। साथ ही उसे केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियम-1972 के तहत पेंशन भी दी गई थी। गुप्ता ने इसके बाद दोबारा शादी कर ली थी और उनके आग्रह पर साल 2002 में पेंशन को उनके बेटे करन गुप्ता के नाम स्थानांतरित कर दिया गया था लेकिन वर्ष 2013 में रेणु ने पेंशन को दोबारा अपने नाम स्थानांतरित करने के लिए कई आग्रह मंत्रालय को भेजे थे। ये आग्रह मंत्रालय ने खारिज कर दिया था।

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