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दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

कालोनियों की मुख्य सड़क हो या फिर व्यस्त बाजारों में सड़क। हर तरफ वाहनों का स्टैंड। घर में पर्याप्त पार्किंग न होने के बावजूद लोग दो –तीन चौपहिया वाहन सड़क, फुटपाथ या संपर्क मार्ग पर खड़े कर रहे हैं लेकिन अब ऐसे लोगों पर सख्ती होने वाली है। उच्च न्यायालय ने सड़क, पार्क, संपर्क मार्गों पर खड़े होने वाले वाहनों का पंजीयन रद करने या फिर उन पर बड़ा जुर्माना लगाने के आदेश परिवहन विभाग को दिए हैं। इसके साथ ही व्यस्त सड़क पर होने वाली पार्किंग को हटाने तथा उन पर कार्रवाई के आदेश उच्च न्यायालय ने दिए हैं। प्रकरण को लेकर उच्च न्यायालय सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि स मामले में हुई कार्रवाई की रिपोर्ट के साथ न्यायालय ने 25 सितंबर2018 को तलब की है।

 

खास बात यह है कि राजधानी में अतिक्रमण और सार्वजनिक स्थानों पर वाहन पार्किंग के कारण यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। बाजारों में अनाधिकृत रूप से सड़क को पार्किंग बना लिया गया है। फुटपाथ पर दुकानदारों का कब्जा हो चुका है। यहां तक कि अवैध रूप से बिना पार्किंग के भवनों में बैंक तक खुल गए। इसके काऱण ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण की समसया समस्या लगातार गहराती जा रही है।

इस मामले में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने परिवहन विभाग को भी बिना पार्किंग स्थान के नए वाहनों का पंजीयन न करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जहां पर निजी वाहन सड़क या सार्वजनिक स्थान पर पार्क किए जा रहे हैं, उन पर कठोर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। करीब दो महीने पहले जारी इन आदेशों को लेकर परिवहन विभाग तक आंख मूंदे बैठा है। अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) बीके सिंह के मुताबिक उच्च न्यायालय के आदेश के परिपेक्ष में एक कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी को इस तरह के वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की रणनीति तय करनी है। उसके बाद कार्रवाई शुरु की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक अभी तो इस कमेटी एक भी बैठक नहीं हुई है जबकि न्यायालय ने छह महीने में इस कार्रवाई की रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।

 

दूसरे दिन भी कार्रवाई सिफर

परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के आदेश के 48 घंटे बाद परिवहन विभाग के प्रवर्तन अधिकारियों ने किसी मार्ग पर पार्किंग पर कार्रवाई की न ही अतिक्रमण के खिलाफ। खास बात यह है कि परिवहन अधिकारी अभी पुलिस के साथ तालमेल तक नहीं बना पाएं हैं। यही नहीं. अवैध वाहनों के खिलाफ कार्रवाई में भी सिर्फ आशियाना, पीजीआई और आलमबाग में हुई। यहां पर अधिकारियों ने अपनी सुविधानुसार अभियान चलाया और आठ बैट्री रिक्शा बंद कर दिए जबकि 28 बैट्री रिक्शा का चालान किया गया। खास बात यह है कि इसके पहले भी तमाम अभियान पीजीआई, आशियाना, आलमबाग, वीआईपी रोड, हजरतगंज, गोमतीनगर के इर्द गिर्द ही चलते रहे हैं। परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल पिछले कई सालों से कभी न अमीनाबाद क्षेत्र पहुंचा न कैसरबाग। अपर परिवहन आयुक्त बीके सिंह ने माना कि यह बात लगातार सामने आ रही थी और इस संबंध में अधिकारियों को राजधानी के सभी इलाकों में कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद भी अधिकारी बाज नहीं आते हैं तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

केंद्रीय मोटरयान अधिनियम में करना होगा बदलाव

परिवहन अधिकारियों के मुताबिक केंद्रीयमोटरयान नियमावली में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि पार्किंग स्थान न होने पर वाहनों का पंजीयन नहीं किया जाए। इसके लिए गठित कमेटी इसका अध्ययन कर रही है और उसके बाद इस संबंध में किस तरह कार्रवाई की जाएगी, उसका फैसला किया जाएगा।

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