Box Office Collection of Dhadak and Student of The Year

दि राइजिंग न्‍यूल

लखनऊ।

 

हुसैनगंज स्थित एक मशहूर सेक्‍स रोग क्‍लीनिक के डॉक्‍टर साहब की डिग्री पर अभी भी संदेह बरकरार है। जांच अधिकारी मूल डिग्री मिलने की प्रतीक्षा कर रहे है। मगर गोरखधंधा समने आने के बाद भी आधे दर्जन से अधिक तमाम क्‍लीनिक धड़ल्‍ले से चल रहे हैं। विभाग भी इनकी शिकायत का इंतजार कर रहा है। सहायक आयुक्‍त ड्रग राम शंकर सिंह ने कहा है कि डिग्री की जांच की जा रही है। डॉक्‍टर से मूल दस्‍तावेज मांगे गए थे लेकिन तय समय पर वह अपनी डिग्री दिखाने में नाकाम रहे हैं हालांकि उन्‍हें एक मौका और दिया गया है फिर कोई कार्रवाई  की जाएगी। आयुर्वेद विभाग को मामले की लिखित जानकारी भी दी जाएगी। 

 

इस वजह से हुई कार्रवाई-

दरअसल मुख्‍यमंत्री के जन सुनवाई पोर्टल पर क्‍लीनिक को लेकर शिकायत की गई थी। इसी आधार पर बीते दिनों खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने इस सेक्‍स क्‍लीनिक में छापेमारी की। जांच के दौरान अधिकारियों को भारी खामियां मिली। इसमें मरीजों को दी जाने दवाइयों से लेकर डॉक्‍टर की डिग्री तक में सवालों के घेरे में आ गई। यहां पर सेक्‍स उपचार के नाम पर जो दवाएं बेची जा रही थी उनकी ना तो पैकिंग थी और ना ही किसी पर रैपर लगा हुआ था। कौन सी दवा कब बनीं है और कब एक्‍सपायर होगी इसकी जानकारी भी उनमें नहीं थी। हालांकि गोलियों-कैप्‍सूलों को कई रंग में रंगकर आकर्षक बनाने का जरूर प्रयास किया गया था।

लापता हुई डॉक्‍टर की डिग्री-

खुद को देश का सर्वश्रेष्‍ठ सेक्‍स डॉक्‍टर बताने वाला डॉक्‍टर जांच के दौरान मूल दस्‍तावेज ही नहीं सौंप सका। इतना ही नहीं जब उससे डिग्री संबंधी जानकारी की गई तो केवल डिग्री की फोटो कॉपी ही अधिकारियों के सामने दे पाया। अधिकारि‍यों ने तीन दिन का समय दिया लेकिन इन तय दिनों में डॉक्‍टर ने ना तो कोई जवाब दिया और ना ही अपनी डिग्री अधिकारियों को दिखा पाए। अब उनकी डिग्री को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं कि क्‍या उनकी डिग्री फर्जी है या फिर कुछ और...।


 

अधिकारियों ने लिए सैंपल-

सेक्‍स क्‍लीनिक में किस तरह की और कौन सी दवाएं दी जा रहीं हैं इसपर डॉक्‍टर ने केवल इन्‍हें आयुर्वेदिक बता कर पल्‍ला झाड़ लिया। लेकिन ड्रग विभाग के अधिकारियों ने कई दवाओं का सैंपल लिया। क्‍योंकि उन्‍हें शक था कि जिन दवाओं को आयुर्वेदिक बताया जा रहा है उनमें अन्‍य दवाएं भी हो सकती हैं। इतना ही नहीं दवाओं और टेबलेट को पारदर्शी पन्‍नी में पैक किया गया था।

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“राजधानी में चलने वाले ऐसे सभी क्‍लीनिक की जांच होगी। हालांकि यह सब समय बताकर नहीं किया जाएगा लेकिन इस तरह की अनियमितता को बिल्‍कुल बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा। फिलहाल बर्लिंगटन के इस क्‍लीनिक की जांच की गई है। यहां पर भारी अनियमितताएं मिली हैं। दवाओं के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। डॉक्‍टर अभी तक अपने डिग्री के मूल दस्‍तावेजों को नहीं दे पाए हैं। उन्‍हें फिर से समय दिया गया है। सैंपल की रिपोर्ट और डिग्री आने के बाद आगे की कार्यवाई होगी।”

रमाशंकर

सहायक आयुक्त, ड्रग एफएसडीए

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