Kajol Says SRK is Giving Me The Tips of Acting

दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ। 

राजधानी में अब टीले वाली मस्जिद के सामने पार्क में भगवान लक्ष्मण की मूर्ति लगाए जाने को लेकर विरोध का सुर मुखर होने लगा है। टीले वाली मस्जिद के इमाम ने तो इसका पुरजोर विरोध करना शुरु कर दिया है और मूर्ति लगने के विरोध में हर तरह से प्रदर्शन की चेतावनी तक दे डाली है। यानी सियासत ने लक्ष्मणनगरी में भी अब मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के अनुज लक्ष्मण की भी इंट्री करा ली है। भाजपा नेताओं से लेकर महापौर को इसमें कुछ गलत नहीं दिख रहा है। मगर इसे लेकर चर्चाएं गर्म हो रही है।

 

दरअसल राजधानी में स्थित प्रसिद्ध टीले वाली मस्जिद को भाजपा के पूर्व सांसद लालजी टंडन ने पिछले दिनों अपनी किताब अनकहा लखनऊ  में भगवान लक्ष्मण का टीला करार दिया है। पहले यह स्थान लक्ष्मण टीले के नाम से ही जाना जाता था। किताब के अनुसार यहां पहले गुफा हुआ करती थी जिसे मुगल बादशाह औरंजेब ने ध्वस्त कर दिया था। बाद में वहां पर मस्जिद बन गई और उसे टीले वाली मस्जिद के तौर पहचान मिल गईं।

हालांकि यह महज किताब की बात है लेकिन सियासत के लिए तो बस इतना ही नुक्ता काफी है। लिहाजा इसे लेकर सियासत की जमीन तैयार होने लगी। कूड़ा निस्तारण से लेकर अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या का निस्तारण कराने में असफल नगर निगम की कार्यकारिणी में टीले वाली मस्जिद के सामने स्थित पार्क में भगवान लक्ष्मण की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव पारित हो गया। प्रस्ताव पारित होने के साथ ही यहां एक नया विवाद खड़ा हो गया।

टीले वाली मस्जिद के इमाम का कहना है कि इस मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करते हैं। भीड़ ज्यादा होने पर लोग सामने पार्क में भी नमाज अदा करते हैं। जलसों और आयोजन के समय पुलिस की तैनाती इसी पार्क में होती है, ऐसे में पार्क में मूर्ति स्थापित करने का कोई तुक ही नहीं है। टीले वाली मस्जिद के इमाम फजले मन्नान के मुताबिक इस मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करते हैं। किसी भी बुत (मूर्ति) के आगे अथवा पीछे नमाज नहीं हो सकती है। मूर्ति लगने के बाद यहां नमाज बंद हो जाएगी। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन दिया जाएगा। हर तरह से विरोध किया जाएगा।

हिंदुत्व कार्ड को धार

टीले वाली मस्जिद के सामने पार्क में भगवान लक्ष्मण की मूर्ति लगे न लगे लेकिन इसके बहाने हिंदुत्व कार्ड को जरूर हवा मिलेगी। दरअसल जिस तरह से दो पार्षदों के प्रस्ताव पर टीले वाली मस्जिद के सामने पार्क में मूर्ति लगाने के प्रस्ताव को पारित कर दिया गया, वह बहुत सहज नहीं दिखता है। गोमती किनारे लक्ष्मण मेला पार्क में भी भगवान लक्ष्मण की मूर्ति लगी है लेकिन उसका पुरसाहाल जानने की फिक्र नगर निगम को नहीं है। कुछ यही हालत परिवर्तन चौक के नजदीक स्टेडियम के सामने पार्क में स्थित लक्ष्मण जी की मूर्ति की है मगर नगर निगम को इन मूर्ति के रखरखाव का ख्याल भी शायद ही कभी आता है।

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement