Actress Neha Dhupia on Her Pregnancy

दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

चिलचिलाती गर्मी ने प्रदेश में अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। लोग गर्मी से पसीना–पसीना हो रहे हैं तो बिजली आपूर्ति करने वाले तार लाल। आलम यह बिजली की पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद प्रदेश हर शहर और कस्बे में कटौती हो रही है। कटौती की मुख्य वजह वितरण प्रणाली और ट्रांसमिशन लाइनो का ओवरलोड होना है।

 

पावर कार्पोरेशन अभियंताओं के मुताबिक प्रदेश में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली मांग बीस हजार मेगावाट के करीब पहुंच चुकी है। कार्पोरेशन के पास भी उत्पादन व बाकी स्रोतों के जरिए करीब 18500 मेगावाट बिजली की उपलब्धता है। ऐसे में कटौती नहीं होनी चाहिए। मगर पूरा सिस्टम ओवरलोड हो रहा है। ट्रांसमिशन लाइनें ओवर लोड हैं। वितरण की लाइनें भी ओवर लोड हैं और इस काऱण से कटौती करनी पड़ रही है। अन्यथा इससे बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है।

आने वाले दिनों में हो सकती है दिक्कत

सेंट्रल पूल (केंद्रीय ग्रिड) से मिल रही बिजली में कटौती होने पर प्रदेश में बिजली समस्या गहरा सकती। काऱण है कि पश्चिम भारत से केंद्रीय ग्रिड को आपूर्ति करने वाली बिजली लाइनें टूट गई है। इस कारण से वहां से बिजली नहीं मिल पा रहा रही है। लिहाजा पावर एक्सचेंज के जरिए मिलने वाली बिजली कार्पोरेशनों को महंगी मिल रही है। यही कोयले की पर्याप्त उपलब्धता न होने के कारण भी तापीय बिजलीघरों के उत्पादन में कमी आ रही है। उच्चाधिकारियों के मुताबिक पिछले एक सप्ताह में ही पावर एक्सचेंज के तहत मिलने वाली बिजली चार रुपये यूनिट से बढ़कर करीब सवा छह रुपये यूनिट पहुंच गई है। प्रदेश में ही करीब छह सौ मेगावाट बिजली पावर एक्सचेंज के तहत ली जा रही है। माना जा रहा है कि महंगी बिजली मिलने के कारण वितरण कंपनियां कीमत बढ़ाने की तैयारी में जुट गई है।

 

बिजली की उपलब्धता में कोई कमी नहीं है मगर सिस्टम की ओवरलोडिंग के काऱण कटौती की जा रही है। गर्मी में बढ़ने के कारण बिजली मांग में भी लगातार इजाफा हो रहा है। ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम ओवरलोड हैं। इस कारण कटौती हो रही है।

शैलेंद्र दुबे

पावर इंजीनियर्स फेडरेशन

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement