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दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

  

अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए प्रदेश सरकार महाराष्ट्र के मकोका की तरह से यूपीकोका लाने जा रही है। यूपीकोका यानी उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ आर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। संगीन और हिंसक अपराधों में लिप्त अपराधियों के खिलाफ इसी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

 

 

इसमें पांच लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक जुर्माने का भी प्रावधान है। सूत्रों के मुताबिक यूपीकोका की फाइल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गई है। इस पर मंथन किया जा रहा है और जल्द ही सरकार द्वारा इसे प्रभावी कर दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

 

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महाराष्ट्र में पुलिस संगीन अपराधों,देश विरोधी आतंकी घटनाओं तथा संगीन अपराधों के वांछितों पर मकोका लगती है। इस एक्ट के तहत निरुद्ध अपराधी को आसानी से जमानत तक नहीं मिलती है। प्रदेश सरकार भी कुछ इसी तरह का सख्त कानून लाने जा रही है। संगीन मामलों में पुलिस यूपीकोका के तहत अपराधियों को गिरफ्तार कर सकेगी। हालांकि इसकी संस्तुति कहां से लेनी होगी और इसे किस तरह इस्तेमाल किया जाएगा,करना है इस पर अंतिम फैसला होना बाकी है।

 

 

उल्लेखनीय है कि इसके पहले बहुजन समाजपार्टी की सरकार के दौरान मुख्यमंत्री मायावती ने पोटा कानून प्रभावी किया था। इसके तहत प्रतापगढ़ के दबंग एवं दागी विधायक राजा भैया पर कार्रवाई भी की गई थी। लेकिन उसके बाद पोटा कानून का इस्तेमाल नहीं हुआ।

 

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प्रदेश में बढ़ते अपराधों को नियंत्रित करने तथा अपराधियों पर मजबूत लगाम लगाने के मकसद से ही प्रदेश सरकार ने यूपीकोका को लागू करने का मन बना लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यूपीकोका का पूरा प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इसके तहत अपराधियों को जमानत नहीं मिलेगी। इसके अलावा इसमें निरुद्ध अपराधी पर पांच से 25 लाख रुपये का जुर्माना होगा। पुलिस को इस धारा के तहत वांछित को निरुद्ध करने से पहले उसकी अनुमति प्रक्रिया का पालन करना होगा ताकि इसका दुरपयोग नहीं हो सके।

 

 

पस्त होंगे अपराधियों के हौंसले

दरअसल, प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न हो पाने के कारण से अपराधियों के हौंसले बुलंद हैं। पोटा कानून बना लेकिन उसका अमल नाम मात्र को हो पाया। इसके अलावा संगीन अपराधों में भी अपराधी न्यायालय में सरेंडर कर आसानी से पुलिस को चकमा दे जाते हैं। इसी के मद्देनजर सरकार अब संगीन अपराध के वांछितों पर शिकंजा कसने के लिए नया सख्त कानून ला रही है।

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