Priyanka Chopra Shares Her Experience of Health Issues

दि राइजिंग न्यूज़

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

स्मार्ट सिटी बनने की मशक्कत में जुटी राजधानी की कलई एक बड़ा आयोजन खोल देता है। सारी व्यवस्था ताख पर पहुंच जाती है और प्रशासन निरीह तमाशबीन नजर आता है। सोमवार को राजधानी में तीसरे दिन कुछ यही देखने को मिला। जिम्मेदार अधिकारी परीक्षार्थियों की भीड़ के कारण ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ने की दलीलें दे रहे थे, लेकिन उसके बाद आंधी –पानी ने कोढ़ में खाज का काम किया। लिहाजा देर शाम तक कई इलाकों में जाम और ट्रैफिक दिक्कत से लोग बेहाल रहें।

सोमवार को राजधानी में आठ सौ से ज्यादा केंद्रों पर यूपीएससी की परीक्षा थे। शाम को परीक्षा छूटने के बाद राजधानी के तमाम इलाकों में यातायात व्यवस्था ध्वस्त दिखाई दीं। पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के सामने ही टेंपो के 12 से 14 लोगों ने सफर किया। कुछ लोग तो हैंडल पर लटक कर सफर करते दिखे। राजधानी में इन वाहनों को देखने के बाद बाकी जगह के हालत का अंदाजा लगाना सहज है। करीब परीक्षा छूटने के करीब दो घंटे बाद तक सड़क पर हर तरफ अराजकता ही नजर आईं।

इसके पहले रविवार को टर्र मेले के दौरान भी यातायात व्यवस्था ऐसी ही दिखी थीं। लोगों की भीड़ के कारण चिडियाघर, पार्क रोड, हजरतगंज, डालीगंज,शहीद स्मारक पर शाम पांच बजे से लेकर रात 10 बदे तक वाहनों की लंबी कतार रहीं। खास बात यह है कि इस दौरान नीबू पार्क क्रासिंग से लेकर डालीगंज पुल तक मौजूद ट्रैफिक पुलिस कर्मी वाहनों की भीड़ देख इधर-उधर दुबके दिखाई दिए। डालीगंज में करीब तीन घंटे बाद रात आठ बजे सिविल पुलिस के पहुंचने पर वाहनों को निकलवाया जाना शुरू किया गया।

परिवहन विभाग चला रहा है अभियान

खास बात यह है कि दूरदराज से राजधानी में परीक्षा देने पहुंचे अभ्यार्थी आटो –टेंपो वालों की मनमानी का शिकार हो रहे थे। उन्हें वाहनों में लटक कर गंतव्य तक जाना पड़ रहा था जबकि परिवहन विभाग इसी तरह के वाहनों के खिलाफ अभियान भी चला रहा है। मामला कछ वैसा ही है जैसा कुशीनगर घटना में देखने मिला था, जब स्कूली बच्चों को ले जा रही अवैध वैन ट्रेन की चपेट में आ गई थी। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री से लेकर परिवहन मंत्री ने कई आदेश जारी किए लेकिन परिवहन अधिकारी केवल अपनी सुविधानुसार जांच में ही लगे हैं। ऐसे में वाहनों पर लगाम कैसे लगेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

साहब छुट्टी पर, मैडम व्यस्त

परिवहन विभाग में भले ही अवैध वाहनों के खिलाफ परिवहन मंत्री के आदेश पर अभियान चल रहा है लेकिन अपर परिवहन आयुक्त वीके सिंह अवकाश पर है जबकि संभागीय परिवहन अधिकारी विदिशा सिंह के पास फोन उठाने की भी फुर्सत नहीं है। लिहाजा अभियान कैसे चल रहा है, यह सहज जाना जा सकता है। अब शायद परिवहन विभाग को फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार है और उसी के बाद विभाग कुछ सक्रिय दिखे तो दिखे।    

जो मित्र दि राइजिंग न्यूज की खबर सीधे अपने फोन पर व्हाट्सएप के जरिए पाना चाहते हैं वो हमारे ऑफिशियल व्हाट्सएप नंबर से जुडें  7080355555

दि राइजिंग न्यूज़

Suggested News

Advertisement