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दि राइजिंग न्यूज

संजय शुक्ल

लखनऊ।

 

अवैध वाहनों के संचालन से जेब भरने और प्रवर्तन कार्यों में सुस्त दिखने वाले परिवहन विभाग के प्रवर्तन अधिकारियों के लिए अब नई मुसीबत आ गई है। जी हां, यह नई मुसीबत है उनका टैबलेट। दरअसल परिवहन विभाग ने अब ई चालान व्यवस्था को लागू कर दिया है। ई चालान व्यवस्था में प्रवर्तन अधिकारियों को टैबलेट दिए गए हैं। अब चालान भी इन्हीं टैबलेट के जरिए होता और ये टैबलेट जीपीएस आधारित है। यानी जिन स्थानों पर टैबलेट होगा, वहीं पर काम होगा। अब यही तकनीकी प्रवर्तन अधिकारियों की मुखबिरी भी करेगी। ऐसा नहीं है कि इसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। पिछले सड़क सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों की जांच की निगरानी इसी के जरिए हो रही है और इसमें कई आरटीओ व एआरटीओ व पीटीओ को नोटिस भी जारी हो चुके हैं।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रवर्तन अधिकारियों को दिए गए टैबलेट में जीपीएस है और वह एनआईसी से कनेक्टेड हैं। हर टैबलेट में एक कोड है और ऐसे में उनकी मदद से अधिकारी की रियल टाइम लोकेशन जानी जा सकती है। यही नहीं, इसमें तिथि डालकर अधिकारी द्वारा किन किन स्थानों पर जांच की गई और कितने वाहनों पर कार्रवाई की गई, इसका भी पता किया जा सकेगा।

 

अधिकारी भी कर सकेंगे निगरानी

टैबलेट में लगे जीपीएस के जरिए परिवहन विभाग के बड़े अधिकारी भी अपने अधीनस्थ प्रवर्तन अधिकारियों को लोकेशन तथा कार्य की जानकारी ले सकेंगे। यही नहीं, इस व्यवस्था के बाद यह भी तय हो जाएगा कि अधिकारी अधिकारी कितने वक्त तक जांच में था। वर्तमान में अधिकारी अपनी सुविधा के मुताबिक जांच करते हैं। दफ्तर से भले ही जांच के नाम पर लापता रहें लेकिन सड़क पर भी उनका काम अमूमन दिखाई नहीं देता है। यह हकीकत परिवहन मंत्री से लेकर प्रमुख सचिव तक जानती हैं।

अप्रैल से होगी प्रभावी निगरानी

परिवहन विभाग के अपर आयुक्त (प्रवर्तन) बीके सिंह के मुताबिक ई चालान की व्यवस्था मुकम्मल होने को है। 31 मार्च तक पूरे प्रदेश में इसे लागू कर दिया जाएगा। उसके बाद इस तकनीकी के जरिए अधिकारियों की मानीटरिंग भी शुरू हो जाएगी।

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